मंकीपॉक्स को लेकर WHO ने जारी की गाइडलाइंस, पुरुषों को ज्यादा सावधान रहने की दी सलाह

मंकीपॉक्स को लेकर WHO ने जारी की गाइडलाइंस, पुरुषों को ज्यादा सावधान रहने की दी सलाह

नई दिल्ली: मंकीपॉक्स वायरस ने दुनियाभर के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। वहीं देश की राजधानी दिल्ली में भी रविवार के दिन मंकीपॉक्स से संक्रमित व्यक्ति पाया गाया है। जिसके बाद पूरे भारत में इस खतरनाक बीमारी की संख्या तीन से बढ़कर पांच हो चुकी है। इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दुनिया की सरकारों को अलर्ट किया है और इंसानों के सेक्सुअल बिहेवियर को लेकर गाइडलाइंस जारी की है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन की गाइडलाइंस         

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन का मानना है कि मंकीपॉक्स से बचने के लिए दो मर्दों के बीच होने वाले यौन संबंधों को लेकर सबसे सावधान रहने की जरूरत है।
  • WHO के अनुसार ऐसे लोगों को अपने सेक्स पार्टनर कम करने चाहिए। नए सेक्स पार्टनर बनाने से बचना चाहिए और अपने मौजूदा सेक्स पार्टनर के साथ सारी जानकारियां साझी करनी चाहिए ताकि जरूरत पड़ने पर उसे संपर्क स्थापित किया जा सके।
  • WHO ने कहा है कि इस बारे में शर्म और भेद-भाव की भावना बीमारी के संक्रमण को और भी बढ़ा सकती है।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार अब तक मंकीपॉक्स के 98% मामले उन पुरुषों में हैं जो पुरुषों के साथ यौन संबंध रखते हैं। लेकिन किसी को भी मंकीपॉक्स हो सकता है।

 

  •  यही वजह है कि डब्ल्यूएचओ की सिफारिश है कि दुनिया के देश बच्चों, गर्भवती महिलाओं और अन्य कमजोर समूहों में इस बीमारी के संक्रमण को रोकने के लिए कार्रवाई करें।

बता दें कि, इस बीमारी को लेकर डॉक्टर का कहना है कि जिन लोगों को चेचक का टीका लग चुका है, उन्हें मंकीपॉक्स से ज्यादा खतरा नहीं है। उनका कहा कि चेचक का टीका मंकीपॉक्स को हराने के लिए कारगर है। इसके अलावा उनका कहना है कि भारत में 45साल से ज्यादा उम्र के लोगों ने चेचक का टीका लगवाया हुआ है और यह टीका मंकीपॉक्स से बचाने में मदद करता है। एक समय था जब चेचक से मरने वालो की संख्या 30प्रतिशत थी,वहीं दूसरी ओर मंकीपॉक्स से मरने वालों की संख्या केवल 2से 3प्रतिशत है।

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