
नई दिल्ली: बीते कुछ सालों में दिल के मरीजों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी देखी गई है। कुछ महीनों से लोगों में सडन हार्ट अटैक यानी अचानक से हार्ट अटैक आ जाने के बहुत सारे मामले भी रिकॉर्ड किए गए है। वहीं हार्ट अटैक आने की समस्या उन लोगों में भी देखी जा रही है, जिन्हें कोविड महामरी से पहले दिल की बीमारी नहीं थी।
बता दे कि, डीजे या तेज बेस वाली आवाज दिल पर अतिरिक्त दवाब बढ़ा देती है, जिसकी वजह से अचानक हार्ट अटैक आने का खतरा बन जाता है। डॉक्टर्स के द्वारा डीजे और तेज आवाज वाली जगहों से उन लोगों को एहतियात बरतने के कहा गया है जिन्हें दिल से जुड़े बीमारियों की समस्या है। सडन हार्ट अटैक के मामलों में अगर कार्डियो पल्मोनरी रिस्यूसिटेशन दे दिया जाए तो काफी हद तक लोगों की जान बचाई जा सकती है। सीपीआर देने की प्रॉसेस में दोनों हाथों से इंसान के सीने को दबाने उसे सांस लेने में कुछ हद तक मदद मिल सकती है।
तेज़ आवाज हो सकती है खतरनाक
डीजे या लाउडस्पीकर्स की तेज़ आवाज़ कभी-कभी लोगों की सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकती है। कई सारे शोध में मिली जानकारी के अनुसार, अचानक से बढ़ता शोर आपके दिल की धड़कन को बिगाड़ सकती है। ऐसी स्थिति को मेडिकल साइंस की भाषा में एट्रियल फिब्रिलेशन भी कहा जाता है। इसकी वजह से किसी इंसान के शरीर में खून के थक्के बनने, स्ट्रोक और हार्ट फेल हो जाने की समस्याएं भी हो सकती हैं।
हार्ट अटैक से बचने के उपाय
1. वजन को कंट्रोल में रखें।
2. धूम्रपान, एल्कोहल वगैरह का सेवन न करें।
3. अपने दिल को स्वस्थ रखने के लिए चीनी, नमक, और फैट वाले भोजन से दूर रहना चाहिए।
4. अपनी डाइट में फलों और सब्जियों को शामिल करना चाहिए।
5. रोजाना एक्सरसाइज और योग जरूर करना चाहिए।
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