Health Tip: पेट का दर्द बन ना जाए कैंसर का कारण हो जाएं सावधान, हो सकते हैं आप कोलोरेक्टल कैंसर का शिकार

Health Tip: पेट का दर्द बन ना जाए कैंसर का कारण हो जाएं सावधान, हो सकते हैं आप कोलोरेक्टल कैंसर का शिकार

Health Tip:  दुनिया भर में कैंसर के मामलों में काफी तेजी से वृद्धि दर्ज की जा रही है। वहीं अकेले भारत में ही इस बीमारी के सबसे ज्यादा लक्षण देखने को मिले हैं। बता दें कि, लैंसेट की 2021 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 2021 में कोलोरेक्टल कैंसर के कुल 65,358 नए मामले सामने आए। वहीं रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि, 50 वर्ष से कम उम्र के लोगों में इन बीमारियों के मामलों की संख्या में वृद्धि हुई है।

आपको बता दें कि, कोलोरेक्टल कैंसर का इलाज किया जा सकता है अगर इसका पता आपको शुरुआती चरण में लग जाए। हालांकि, ज्यादातर कैंसर के मामले का पता एक उन्नत चरण में चलता है जब यह बड़ जाता है। ऐसे में रोगों के लक्षणों के बारे में जानना महत्वपूर्ण हो जाता है। कोलोरेक्टल कैंसर प्रकार का घातक कैंसर है जो किसी भी व्यक्ति की बड़ी आंत या कोलन में होता है।

सेंट लुइस में वाशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसार कहा गया है कि, कोलोरेक्टल कैंसर का चार लक्षण से पता लगाया जा सकता है। आप इन लक्षणों के बारे में जान कर इस बीमारी से जल्द निदान पा सकते हैं अगर आपको इसके लक्षणों के बारे में जामकारी हो।

कोलोरेक्टल कैंसर के लक्षण

1. तंद्राकुशलता (Constipation): अधिक समय तक तंद्रा में रहने से पेट में तकलीफ हो सकती है और तंद्राकुशलता की समस्या हो सकती है।

2. दस्त (Diarrhea): असामान्य समय तक दस्त होना भी कोलोरेक्टल कैंसर का एक लक्षण हो सकता है।

3. पेट में दर्द (Abdominal Pain): कोलोरेक्टल कैंसर के मरीजों को अक्सर पेट में दर्द की समस्या होती है।

4. आंतों में बदलाव (Changes in Bowel Habits): कोलोरेक्टल कैंसर के मरीजों को बार-बार पेट खाली करने की समस्या हो सकती है। इसके साथ ही आंतों में बदलाव भी हो सकते हैं।

5. बहुत कम वजन या वजन कम होना (Unintentional Weight Loss): कोलोरेक्टल कैंसर के मरीजों को अक्सर बहुत कम वजन होता है और वजन कम होने की समस्या होती है।

6. ब्लीडिंग (Bleeding): कोलोरेक्टल कैंसर के मरीजों को अक्सर पेट में ब्लीडिंग की समस्या हो

 

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