क्या सनस्क्रीन लगाने से हो सकता है स्किन कैंसर? जानें एक्सपर्ट की राय

क्या सनस्क्रीन लगाने से हो सकता है स्किन कैंसर? जानें एक्सपर्ट की राय

Health tips: सनस्क्रीन का उपयोग सूरज की हानिकारक बेन रेज यानि उल्ट्रा वायलेट (UV) किरणों से त्वचा को सुरक्षा प्रदान करने के लिए किया जाता है। यह एक प्रमुख तरीका है त्वचा के खतरनाक सूरज के किरणों से बचाव के लिए, जो स्किन कैंसर जैसी बीमारियों के विकास का कारण बन सकते हैं।

सनस्क्रीन से हो सकता है कैंसर?

कुछ लोगों के मन में यह सवाल आता है कि क्या सनस्क्रीन का नियमित उपयोग करने से स्किन कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। यह आमतौर पर एक मिथक है और वैज्ञानिक अध्ययनों ने इसे खारिज किया है। सनस्क्रीन का नियमित और सही तरीके से प्रयोग करने से त्वचा को UV किरणों से बचाव किया जा सकता है और इससे स्किन कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है।

सनस्क्रीन का उपयोग करते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना महत्वपूर्ण है:

SPF (Sun Protection Factor):उच्च SPF वाले सनस्क्रीन का उपयोग करने से त्वचा को सूरज की किरणों से अधिक सुरक्षा मिलती है।

उचित प्रयोग:सनस्क्रीन को सही तरीके से प्रयोग करने से त्वचा को अच्छा संरक्षण मिलता है। सनस्क्रीन को समय-समय पर दोबारा लगाना भी महत्वपूर्ण है, खासकर जब आप पानी में जाते हैं या पसीना आता है।

पूरे शरीर पर लगाना: सनस्क्रीन को त्वचा के सभी हिस्सों पर लगाना आवश्यक है, क्योंकि सूरज की किरणें सभी जगहों पर पहुंच सकती हैं।

अन्य सुरक्षा उपाय: सनस्क्रीन के अलावा भी आपको धूप में रहने से बचने के लिए टोपी, सनग्लास, और संरक्षित कपड़े पहनने चाहिए।

एक्सपर्टों की सलाह है कि सनस्क्रीन का सही तरीके से उपयोग करके त्वचा को सुरक्षा देना चाहिए, क्योंकि यह स्किन कैंसर और अन्य सूरज के किरणों से होने वाली समस्याओं से बचाव करने में मदद कर सकता है।

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