कोरोना की नई वैक्सीन तैयार! इन देशों में कम हुए वायरस के केस

कोरोना की नई वैक्सीन तैयार! इन देशों में कम हुए वायरस के केस

नई दिल्ली:देश-दुनिया में अभी कोरोना का खतरा खत्म नहीं हुआ। हालांकि कोरोना की वैक्सीन से लोगों को थोड़ी राहत मिली है। वहीं अब एक ओर वैक्सीन का नाम सामने आया रहा है जिसमें कहा जा रहा है कि इस वैक्सीन से भी कोरोना का इलाज कर सकते है। बता दें कि बीसीजी का टीका कोरोना को रोकने में कारगर साबित है।

दरअसल एक रिसर्च की गई है जिसमें विश्व स्वास्थ्य संगठन से जुड़े 168 देशों के टीबी रजिस्ट्री और बीसीजी टीका लगाने के आंकड़े शामिल किए गए। जिन देशों में टीबी का रोग ज्यादा था और बीसीजी के टीके अधिक लगवाए गए थे वहां कोरोना के मामले कम देखने को मिले। एक अन्य रिचर्स में यह सामने आया था कि जिन देशों में टीबी के लिए बीसीजी का टीका अनिवार्य है, वहां पर कोरोना वायरस का प्रकोप कम देखने को मिला।

आपको बता दें कि टीबी और सांस संबंधी बीमारियों को रोकने के लिए बीसीजी का टीका लगवाया जाता है। इस वैक्सीन को 1921 में विकसित किया गया था। बीसीजी का टीका दुनिया के कई देशों में लगाया जाता है। यह टीका दिमागी बुखार और टीबी जैसी गंभीर बीमारियों से बचाने का काम करता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।वहींभारत की बात करें तो भारत में शिशु टीकाकरण में बीसीजी के टीके का इस्तेमाल किया जाता है। यानी की बच्चे के जन्म के बाद लगने वाले कुछ टीकों में बीसीजी का टीका भी है।

इस टीके की पहली खुराक बच्चे के जन्म के 24 घंटे के भीतर लगाई जानी चाहिए। आमतौर पर बीसीजी का टीका जन्म के 6 महीने तक लगाना सही माना जाता है लेकिन अगर जन्म के यह टीका बच्चे को नहीं लग पाया है तो उसे 5 साल की उम्र तक यह टीका लगवाया जा सकता है। 15 साल तक असरदार रहता है। बीसीजी के टीके की मदद से लोगों में ऐसी रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित की जा सकती है, जो अन्य बीमारियों से लड़ने में मददगार साबित हो।

Leave a comment