
Karnal News:हरियाणा के करनाल जिले में सेक्टर-6 में एक महिला नर्सिंग सुपरवाइजर ने सड़क किनारे घायल युवक के लिए फरिश्ता बन गई। लोगों ने हादसे का शिकार हुए जिस युवक को मरा हुआ समझ कर छोड़ दिया था उसी नर्सिग महिला ने अपनी काबिलियत और इंसानियत का परिचय देते हुए उसकी नब्ज को टटोला और तुरंत सीपीआर देकर उसकी सांसों को लौटा उसे जीवन दान दिया। यहीं नहीं नर्सिंग सुपरवाइजर पुलिस की मदद से युवक को वर्क अस्पताल में लेकर पहुंची और जरूरी इलाज दिया। युवक के कुछ हालात सामान्य हो जाने पर उसे करनाल के कल्पना चावला अस्पताल रेफर किया गया। सेवा का धर्म निभाते हुए जिस प्रकार नर्सिंग सुपरवाइजर महिला द्वारा आफ ड्यूटी होते हुए कार्य किया उसकी सराहना पूरे शहर में होना भी लाजमी है।
वहीं महिला द्वारा युवक को सीपीआर देते हुए का वीडियो भी वायरल हुआ है। डॉक्टरों की माने तो समय पर सीपीआर ना मिलता तो युवक की जान जा सकती थी।जैसे की महिला अंकित मान ने बताया कि पिछले डेढ़ साल से वह अस्पताल में कार्यरत है। मंगलवार रात करीब 10:00बजे वह अपने बेटे को आइसक्रीम दिलाने गाड़ी से निकली थी। सेक्टर 6स्थित गुरुद्वारे के पास पहुंची तो देखा कि सड़क किनारे भीड़ जुटी है। देखा तो एक युवक अचेत अवस्था में सड़क किनारे पड़ा हुआ था। अंकिता ने जब युवक के बारे में पूछताछ की तो आसपास खड़े लोगों ने कहा कि युवक की मौत हो चुकी है। लेकिन अंकिता मेडिकल फील्ड से है उन्होंने युवक की नब्ज को चेक किया व महसूस हुआ कि युवक की नब्ज चल रही है तो उन्होंने बिना समय गवाई तुरंत युवक को सीपीआर देना शुरू कर दिया। सीपीआर देने के बाद युवक की हालत में सुधार होने लगा और उसकी सांसे लौट आई। इसके बाद अंकिता ने तुरंत विर्क अस्पताल की एंबुलेंस बुलाई और युवक को अस्पताल ले गई वहां उसे इलाज देने के बाद जब युवक की हालत कुछ सामान्य हुई तो उसे कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में रेफर कर दिया गया।
जब सीपीआर दिया तो वह रेस्पॉन्ड नहीं कर रहा था- अंकिता
जैसा कि अंकित ने बताया कि युवक की उम्र करीब 25साल है और उसका एक्सीडेंट हुआ था। एक्सीडेंट के बाद युवक को उल्टी आई और उल्टी में आया हुआ खाना उसकी सांस की नली में फंस गया था। जिससे वह सांस नहीं ले पा रहा था और बेहोश होकर गिर गया था। जब सीपीआर दिया तो वह रेस्पॉन्ड नहीं कर रहा था लेकिन कुछ ही मिनट में वह फिर से सांस लेने लगा।
पूरे शहर में अंकिता की चर्चा
अंकिता मान के इस कार्य की सराहना पूरे शहर में की जा रही है। अंकिता मेडिकल फील्ड से होने के नाते उन्होंने अपना धर्म निभाते हुए एक इंसान की जान बचाई है। यह एक मानवीय कार्य है। जिससे प्रत्येक व्यक्ति को प्रेरणा लेनी चाहिए और एक महिला होते हुए उन्होंने सड़क किनारे युवक की जान बचाते हुए उसको नया जीवनदान दिया है।
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