
Haryana News: हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने स्वाथ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे घटिया गुणवत्ता की दवाओं को लेकर सतर्क रहें , अगर मानकों से कम गुणवत्ता की दवा की बिक्री की शिकायत मिले तो तुरंत कार्रवाई करें। उन्होंने आज "अलमोन्ट- किड लेवेक्टीरिज़िन तथा मोंतेलुकास्ट सोडियम सिरप"( “Almont-Kid (Levocetirizine Dihydrochloride and Montelukast Sodium Syrup)” नामक दवा के एक बैच में एथिलीन ग्लाइकोल (EG) की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक पाए जाने पर तुरंत प्रतिबंधित करने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने खांसी की इस दवा में हानिकारक रसायन पाए जाने के मामले में प्रदेश में जनहित अलर्ट जारी करने के निर्देश देते हुए कहा है कि केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO), पूर्वी क्षेत्र, कोलकाता से प्राप्त आधिकारिक सूचना के आधार पर हरियाणा खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने एक दवा नमूने को मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं पाया है।
आरती सिंह राव ने बताया कि “Almont-Kid (Levocetirizine Dihydrochloride और Montelukast Sodium Syrup)” नामक दवा के एक बैच में एथिलीन ग्लाइकोल (EG) की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक पाई गई है, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। यह दवा बच्चों के उपयोग में लाई जाती है, इसलिए इसका जोखिम और भी गंभीर है।
आरती सिंह राव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस बैच की दवा की बिक्री, वितरण, भंडारण, पर्ची पर लिखना और उपयोग तत्काल प्रभाव से पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाता है। उन्होंने राज्य के सभी दवा विक्रेताओं, थोक विक्रेताओं, वितरकों, अस्पतालों और चिकित्सकों को निर्देश दिए हैं कि वे इस दवा को तुरंत बाजार से हटाएं।स्वास्थ्य मंत्री ने औषधि नियंत्रण विभाग को पूरे प्रदेश में निगरानी बढ़ाने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी।
हरियाणा खाद्य एवं औषधि प्रशासन के स्टेट ड्रग्स कंट्रोलर श्री ललित कुमार गोयल ने बताया कि उक्त प्रतिबंधित दवा का बैच नंबर AL-24002, निर्माण तिथि जनवरी 2025 तथा समाप्ति तिथि दिसंबर 2026 है। यह दवा मैसर्स ट्राइडस रेमेडीज, प्लॉट नंबर D-42 व D-43, फेज-II, औद्योगिक क्षेत्र, हाजीपुर, वैशाली (बिहार) द्वारा निर्मित है।
Leave a comment