Imran Khan Party Government Termineted:पाकिस्तान में राजनीतिक संकट गहरा गया है। जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) की सरकार वाले खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने इमरजेंसी लागू कर दी है। इस फैसले के साथ ही प्रांतीय सरकार को निलंबित कर दिया गया है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब PTI इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर इस्लामाबाद में मार्च निकाल रही है। पार्टी ने सरकार के इस फैसले को लोकतांत्रिक जनादेश पर हमला बताया है। वहीं, PTI नेताओं ने मुख्यमंत्री मुहम्मद सोहेल अफरीदी और पार्टी के प्रांतीय अध्यक्ष जुनैद अकबर को हिरासत में लिए जाने का दावा किया है।
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने रविवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि उन्होंने संघीय कैबिनेट की सिफारिशों को मंजूरी दे दी है। इससे पहले प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सुरक्षा हालात की समीक्षा की गई थी।
पाकिस्तान की संघीय सरकार ने आरोप लगाया कि खैबर पख्तूनख्वा की प्रांतीय सरकार आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई में पर्याप्त सहयोग नहीं कर रही थी। सरकार का कहना है कि आतंकवादी हमलों में बढ़ोतरी और संघीय तथा प्रांतीय प्रशासन के बीच समन्वय की कमी के कारण यह कदम उठाना पड़ा। हालांकि, PTI ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि आतंकवाद से निपटने के लिए प्रांत को पर्याप्त संसाधन और सहयोग नहीं दिया गया।
अब राज्यपाल के हाथों में होगी प्रांत की कमान
इमरजेंसी लागू होने के बाद खैबर पख्तूनख्वा में PTI सरकार के अधिकार प्रभावित हुए हैं। पाकिस्तान के कानून मंत्री आजम नजीर तरार के मुताबिक, राज्यपाल प्रांत का प्रशासन संभालेंगे और उनकी मदद के लिए 11 सदस्यीय सलाहकार परिषद बनाई जाएगी। शुरुआती तौर पर यह व्यवस्था छह महीने के लिए लागू रहेगी।
पाकिस्तान का संविधान आपातकालीन परिस्थितियों में संघीय सरकार को प्रांतीय सरकार के कुछ या सभी कार्य अपने नियंत्रण में लेने की अनुमति देता है। इस फैसले के बाद इमरान खान की पार्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। PTI प्रवक्ता जुल्फिकार बुखारी ने इसे इमरजेंसी की आड़ में किया गया तख्तापलट बताते हुए कहा कि इससे राजनीतिक अस्थिरता और हिंसा बढ़ सकती है।
सोहेल अफरीदी और जुनैद अकबर की गिरफ्तारी का दावा
इमरजेंसी लागू होने के बीच PTI नेताओं ने मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी और पार्टी के प्रांतीय अध्यक्ष जुनैद अकबर को हिरासत में लिए जाने का दावा किया है। पार्टी ने इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे राजनीतिक दमन बताया है।
रिपोर्टों के अनुसार, इस्लामाबाद तक मार्च को रोकने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। राजधानी की ओर जाने वाले प्रमुख रास्तों पर शिपिंग कंटेनर लगाकर अवरोध बनाए गए हैं और बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। PTI के कई कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिए जाने की खबरें हैं।
इमरान खान की रिहाई के लिए इस्लामाबाद मार्च
PTI अपने नेता इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर इस्लामाबाद तक मार्च कर रही है। इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। उनकी पार्टी का कहना है कि उनके खिलाफ दर्ज मामले राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं, जबकि सरकार और अन्य संस्थानों के अपने तर्क हैं।
यह मार्च पहले 27 सितंबर को प्रस्तावित था, लेकिन सरकार और PTI के बीच बातचीत के प्रयासों के दौरान इसकी तारीख आगे बढ़ाई गई थी। बाद में बातचीत बेनतीजा रहने पर पार्टी ने प्रदर्शन का रास्ता अपनाया। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदर्शनकारियों को राजधानी में प्रवेश करने से रोकने के लिए सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
पाकिस्तान में बढ़ सकता है राजनीतिक टकराव
खैबर पख्तूनख्वा में इमरजेंसी और प्रांतीय सरकार के निलंबन से पाकिस्तान में राजनीतिक टकराव और तेज होने की आशंका है। एक ओर संघीय सरकार आतंकवाद से निपटने के लिए इस कदम को जरूरी बता रही है, वहीं PTI इसे अपने लोकतांत्रिक अधिकारों और प्रांतीय स्वायत्तता पर हमला मान रही है।
आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि इस्लामाबाद मार्च किस दिशा में आगे बढ़ता है और PTI नेतृत्व इस फैसले के खिलाफ क्या रणनीति अपनाता है। फिलहाल पाकिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है और राजनीतिक हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।
Also read: फ्लाई दुबई की फ्लाइट में मचा हड़कंप, पायलट को चाकू मारने की खबर; हजारों फीट नीचे गिरा विमान