गणेश नहीं ये है गणपति का असली नाम, जानिए क्या है इससे जुड़ी मान्यता

गणेश नहीं ये है गणपति का असली नाम, जानिए क्या है इससे जुड़ी मान्यता

Ganesh Chaturthi 2023: भगवान गणेश जिनके अनेक नाम हैं जैसे गणपति,गजानन, एकदंत,लंबोदर।हर नाम के पीछे अपने मतलब हैं।लेकिन क्या आपको जानते हैं  गणेश जी के ये सारे नाम उनकी उपाधि है उनका असली नाम कुछ और है।वो नाम जो उनकी माता पार्वती ने दिया था वो कुछ और है। दरअसल, भगवान गणेश का मस्तक कटने से पहले उनका नाम विनायक था।

जब माता पार्वती ने गणेश जी की उत्पत्ति की थी तो माता पार्वती ने उनका नाम विनायक रखा था। विनायक का मतलब होता है नायकों का नायक, विशेष नायक। लेकिन जब भगवान गणेश का मस्तक कटा गया और फिर उसे पर हाथी का मस्तक लगाया गया तो सभी लोग उन्हें गजानन कहने लगे। फिर जब उन्हें गणों का प्रमुख बनाया गया तो उन्हें गणपति और गणेश कहने लगे।

आखिर क्यों कटा था गणेश भगवान का सिर?

एक प्रचलित कथा के अनुसार शनि देव की दृष्टी पड़ने से शिशु गणेश का सिर जलकर भस्म हो गया था। इस पर दुखी पार्वती माता से ब्रह्मा ने कहा- 'जिसका सिर सर्वप्रथम मिले उसे गणेश के सिर पर लगा दो।' पहला सिर हाथी के बच्चे का ही मिला। इस प्रकार गणेश 'गजानन' बन गए।

शिव जी ने काटा था सिर

वहीं एक गणेश जी का सिर कटने को लेकर एक और कथा काफी प्रचलित है। दूसरी कथा के अनुसार गणेशजी को द्वार पर बिठाकर पार्वतीजी स्नान करने लगीं। इतने में शिव जी आए और पार्वती जी के भवन में प्रवेश करने लगे। गणेशजी ने जब उन्हें रोका तो क्रोधित शिव ने उनका सिर काट दिया। गणेशजी की उत्पत्ति पार्वतीजी ने चंदन के मिश्रण से की थी। जब पार्वतीजी ने देखा कि उनके बेटे का सिर काट दिया गया तो वे क्रोधित हो उठीं। उनके क्रोध को शांत करने के लिए भगवान शिव ने एक हाथी के बच्चे का सिर गणेशजी के सिर पर लगा दिया और वह जी उठा।

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