क्या है ब्राइड मनी पर रोक लगाने के पीछे की वजह? भारत सहित कुछ ही देशों में दहेज विरोधी कानून

क्या है ब्राइड मनी पर रोक लगाने के पीछे की वजह? भारत सहित कुछ ही देशों में दहेज विरोधी कानून

नई दिल्लीइंजीनियर अतुल सुभाष की आत्महत्या ने दहेज और घरेलू हिंसा के खिलाफ कड़े कानूनों के प्रभावी उपयोग पर सवाल उठाए हैं। इन कानूनों का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा है, लेकिन अतुल के मामले में ये साफ हो रहा है कि इनका दुरुपयोग भी हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने भी धारा 498A के बढ़ते दुरुपयोग पर चिंता जताई है, जिससे ये कानून उल्टा पड़ सकता है।

धारा 498A का उद्देश्य

धारा 498A के तहत "क्रूरता" का मतलब है, ऐसी शारीरिक या मानसिक हिंसा जिससे महिला को गंभीर नुकसान पहुंचे या वह आत्महत्या करने की स्थिति में आ जाए। इस धारा में महिला से पैसों या कीमती सामान की मांग करना भी शामिल है। पुलिस को बिना वारंट के आरोपी को गिरफ्तार करने का अधिकार है। हालांकि, इस कानून के बढ़ते दुरुपयोग के कारण ये सवाल उठ रहा है कि क्या ये अपने असली उद्देश्य को पूरा कर पा रहा है। अतुल सुभाष के मामले में भी इस धारा के गलत इस्तेमाल की संभावना जताई जा रही है।

भारत और अन्य देशों में समान मुद्दे

भारत के अलावा, पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल जैसे देशों में भी दहेज प्रथा के खिलाफ कड़े कानून हैं। ग्रीस में 1980के दशक में दहेज को गैरकानूनी घोषित कर दिया गया, हालांकि अब भी वहां परंपरागत दहेज की मांग होती है। तुर्की में मेहर की प्रथा होने के कारण दहेज के लिए हिंसा की घटनाएं कम होती हैं।

अफ्रीकी देशों में 'लोबोला' नामक कस्टम है, जिसमें वर पक्ष लड़की के परिवार को उपहार देता है। हालांकि, इस पर दबाव इतना बढ़ गया है कि ये दहेज की तरह परेशान करने लगा है। दक्षिण अफ्रीका, ज़िम्बाब्वे और युगांडा में इस पर नियंत्रण के लिए कानून बनाए गए हैं, जिनमें जबरदस्ती को रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं।

घरेलू हिंसा में पुरुषों की सुरक्षा, एक नई पहल

घरेलू हिंसा के मामलों में अब केवल महिलाएं ही नहीं, बल्कि पुरुष भी शिकार हो रहे हैं। स्वीडन, फिनलैंड और पोलैंड जैसे देशों में पुरुषों को कानूनी मदद, काउंसलिंग और शेल्टर जैसी सुविधाएं मिलती हैं। अमेरिका में भी अब घरेलू हिंसा के शिकार पुरुष सुरक्षा और कानूनी सहायता ले सकते हैं।

अतुल सुभाष के मामले ने ये सवाल खड़ा किया है कि दहेज और घरेलू हिंसा के खिलाफ कानूनों का दुरुपयोग कैसे रोका जाए। इन कानूनों का उद्देश्य महिलाओं और पुरुषों की सुरक्षा है, लेकिन उनका गलत इस्तेमाल भी हो सकता है। ये महत्वपूर्ण है कि कानूनों का सही तरीके से उपयोग हो, ताकि उनका असली उद्देश्य पूरा किया जा सके।

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