
Elderly Man Digitally Arrested: गुजरात के अहमदाबाद में साइबर ठगों ने एक बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट कर उनसे 1 करोड़ 26 लाख रुपये की ठगी की। ठगों ने इसके लिए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया की डीपी लगाकर इस ठगी को अंजाम दिया। हालांकि, पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को अरेस्ट कर लिया है।
दरअसल, ठगों ने वीडियो कॉल कर बुजुर्ग को बताया कि उनका बैंक अकाउंट मनी लॉन्ड्रिंग में इस्तेमाल किया गया है। बुजुर्ग को ठगने के लिए ठगों ने खुद को पुलिस अधिकारी, सीबीआई अधिकारी और सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के तौर पर पेश किया। ठगों ने बुजुर्ग को बताया कि उनके अकाउंट में 2 करोड़ रुपये की ट्रांजेक्शन हुई है। मनी लॉन्ड्रिंग केस में 5 साल की सजा का प्रावधान है। ठगों ने बुजुर्ग को सजा का डर दिखाकर उनकी बैंक में रखी हुई रकम और एफडी तुड़वाकर उनकी सेविंग लूट ली।
बुजुर्ग से ऐसे ठगे पैसे
दरअसल, इस अपराध को अंजाम देने से पहले ठगों ने बुजुर्ग के बारे में सारी इंफॉर्मेशन हासिल की। यहां तक कि ठगों को बुजुर्ग के बैंक अकाउंट से लेकर उनकी एफडी तक के बारे में सारी जानकारी थी। इसी का ठगों ने फायदा उठाया। ठगों ने जैसे-तैसे बुजुर्ग को विश्वास दिलाया कि चूंकि आपका कोई रिश्तेदार नहीं है और अगर आप हमें लिखित में आवेदन देंगे तो आपका केस प्रायोरिटी में चलाने को लेकर हम सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस से रिक्वेस्ट करेंगे और आपको अरेस्ट नहीं करेंगे।
इसके बाद ठगों ने कहा कि इससे पहले हमें आपके बैंक अकाउंट की अच्छे से वेरिफिकेशन करनी होगी। जिसके लिए बुजुर्ग को उनके बैंक अकाउंट में रखी रकम और एफडी को तुड़वाकर जांच के लिए भेजने को कहा गया। बुजुर्ग को इस बात का विश्वास दिलाया गया कि बैंक अकाउंट की जांच के बाद उनकी सारी रकम उन्हें वापस कर दी जाएगी। बुजुर्ग को कहीं उनपर शक ना हो इसके लिए सुप्रीम कोर्ट का एक नकली सर्टिफिकेट बनाकर रकम को हासिल किया गया।
बुजुर्ग को ठगों पर ऐसे हुआ शक
लेकिन पैसे ट्रांसफर करने के 48 घंटे बाद भी बुजुर्ग को उनके पैसे वापिस नहीं मिले। बाद में बुजुर्ग को इन लोगों पर शक हुआ। जिसके बाद उन्होंने साइबर क्राइम पुलिस में इसकी शिकायत दी। साइबर क्राइम पुलिस ने तुरंत बुजुर्ग की शिकायत पर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि बुजुर्ग को वीडियो कॉल कंबोडिया से किए गए थे।
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