Diwali 2023: क्यों मनाई जाती है छोटी दिवाली ? श्रीकृष्ण की 16 हजार पत्नियों से है संबंध

Diwali 2023:  क्यों मनाई जाती है छोटी दिवाली ? श्रीकृष्ण की 16 हजार पत्नियों से  है संबंध

Diwali 2023: इस वक्त हर घर हर बाजार रौशनी से सराबोर है। हो भी क्यो ना दीपो का त्योहार जो आया है। इस बार दिपावली का त्योहार 12 नवंबर को मनाया जाएगा। दिपावली से पहले छोटी दिपावली मनाते हैं। छोटी दिवाली का संबंध श्रीकृष्ण की 16000 पत्नियों से है। आपको बताते हैं छोटी दिवाली क्यों मनाई जाती है और इसका आखिर श्रीकृष्ण की पत्नियों से क्या है।

हिंदू धार्मिक कथाओं के अनुसार, एक राज्य में नरकासुर नाम का एक राक्षस रहता था। नरकासुर काफी बलशाली था। और इसने इंद्र देव को पराजित कर दिया था। यही नहीं नरकासुर ने देवी और देवताओं और ऋषि-मुनियों की बेटियों का हरण करके उन्हें बंदी बनाकर अपने पास रखा था। नरकासुर ने अपनी शक्तियों का गलत उपयोग करके करीब 16हजार स्त्रियों को बंदी बना लिया था। नरकासुर को वरदान प्राप्त था कि उसकी मृत्यु केवल एक महिला के हाथों ही हो सकती है। इसी वजह से उसका वध कोई देवता नहीं कर पाए थे।

16,000बंदी कन्याओं को छुड़वाया

महिलाओं के प्रति राक्षस की द्वेष भावना को देखते हुए, देवी सत्यभामा ने भगवान श्रीकृष्ण से निवेदन किया कि वह उन्हें नरकासुर का वध करने का अवसर दें। जिसके बाद सत्यभामा को भगवान श्रीकृष्ण का साथ मिला और वह भगवान श्रीकृष्ण के रथ पर बैठकर नकरासुर का वध करने के लिए गईं। सत्यभामा और नरकासुर के बीच हुए युद्ध में सत्यभामा ने नरकासुर का वध कर दिया और सभी 16,000बंदी कन्याओं को छुड़वा लिया।  

नरकासुर की मां ने की घोषणा

हालांकि, लेकिन जब नरकासुर के चंगुल से ये स्त्रियां स्वतंत्र हुईं तो लोग स्त्रियों की चरित्र पर सवाल उठाने लगे इसी लिएसभी स्त्रियों को समाज में सम्मान और मान्यता दिलाने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने सभी स्त्रियों को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार कर लिया। उसी दौरान नरकासुर की मां ने यह घोषणा की कि उनके पुत्र की मृत्यु को किसी शोक के दिन के तौर पर ना मनाकर एक उत्सव के रूप में मनाया जाना चाहिए इसलिए इस दिन को छोटी दिवाली के रूप में मनाया जाता है। छोटी दिवाली को नरक चतुर्दशी भी कहते हैं। छोटी दिवाली के दिन हनुमान जयंती भी मनाई जाती है। शास्त्रों के अनुसार कहा जाता है कि कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को हनुमान जी का जन्म हुआ था। इस दिन हनुमान जी की पूजा करने से जीवन के सारे संकट नष्ट हो जाते हैं।

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