Dhanteras 2023: भारत में इस जगह स्थित है भगवान धन्वंतरि का एकलौता मंदिर, जानें इस मंदिर से जुड़ी मान्यताएं

Dhanteras 2023: भारत में इस जगह स्थित है भगवान धन्वंतरि का एकलौता मंदिर, जानें इस मंदिर से जुड़ी मान्यताएं

varanasi-sudiya-lord-dhanvantaritemple: आज पूरे देश में धनतेरस का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस दिन माता लक्ष्मी, कुबेर देवता के साथ भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है।जिनको आयुर्वेद का जनक और देवताओं का वैद्य माना जाता है। भगवान धन्वंतरि को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है । भगवान धन्वंतरि कार्तिक मास की त्रयोदशी के दिन समुद्र मंथन से उत्पन्न हुए थे। इसलिए आज धनतेरस के दिन धन्वंतरि जयंति भी मनाई जाती है।

यहां है भगवान धन्वंतरि का एकलौता मंदिर

वैसे तो देश में कई प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिर हैं, जो अपने आप में कई इतिहास और रहस्य समेटे हुए हैं। साथ ही इन मंदिरों की अपनी मान्यता और आस्था होती है। इन्हीं में से एक मंदिरहै वाराणसी के सूड़िया में स्थित भगवान धन्वंतरि का मंदिर है। इस मंदिर की खास बात यह  है कि यह मंदिर साल में केवल एक बार ही धनतेरस के दिन ही खुलता है। साथ ही यह पूरे देश में  एकलौता भगवान धन्वंतरि को समर्पित मंदिर है ।

इस मंदिर में क्या है खास

इस मंदिर में रखी भगवान धन्वंतरि की मूर्ति अष्टधातु की बनी हुई है। साथ ही इस मूर्ति के कुल वजन की बात करे तो यह तकरीबन 50 किलो की मूर्तिबताई जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मूर्ति करीब 326 साल पुरानी है। साथ ही इस ढाई फुट ऊंची इस मूर्ति में भगवान धन्वंतरि ने अपने एक हाथ में अमृत कलश, दूसरे में शंख, तीसरे में चक्र और चौथे हाथ में जोंक धारण किया हुआ है।इस मंदिर में दूर-दूर से लोग से भगवान धन्वंतरि के दर्शन लेने के लिए आते है।

धन्वंतरि जयंती के मौके पर भगवान की इस प्रतिमा का खास विधि के साथ पूजा-अर्चना की जाती है। साथ ही उनको जड़ी बूटी और औषधि का भोग लगाया जाता है। कहते है कि आज के दिन भगवान धन्वंतरी के दर्शन मात्र से व्यक्ति को  किसी भी तरह का शारीरिक और मानसिक कष्टों से छुटकारा मिलता है। साथ ही भगवान धन्वंतरी की पूजा अर्चना करने से रोग और कष्ट से छुटकारा मिलता है।

Leave a comment