
Delhi-E Bus: दिल्ली ने स्वच्छ और सतत परिवहन के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए देश में ई-बसों के क्षेत्र में पहला स्थान प्राप्त कर लिया है। रामलीला मैदान में 500 नई ईवी बसों के जुड़ने के साथ ही, दिल्ली में अब कुल 4,286 इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं, जिससे राजधानी ने अब तक शीर्ष स्थान पर रहे महाराष्ट्र (4,001ई-बसें) को पीछे छोड़ दिया है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार ई-बसों की संख्या के मामले में कर्नाटक (1,989), गुजरात (1,041), तेलंगाना (875) और उत्तर प्रदेश (874) का स्थान है। यह उपलब्धि दिल्ली को न केवल देश की सबसे बड़ी ई-बस फ्लीट वाला राज्य बनाती है, बल्कि राजधानी को ग्रीन मोबिलिटी और क्लीन ट्रांसपोर्ट का राष्ट्रीय मॉडल भी स्थापित करती है।
सीएम रेखा ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि यह सफलता दिल्ली सरकार की उस दूरदर्शी नीति का परिणाम है, जिसके तहत सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल और जनसुलभ बनाया जा रहा है। बीते एक वर्ष में सरकार ने तेज़ गति से ई-बसों को दिल्ली परिवहन निगम के बेड़े में शामिल किया है, जिससे न केवल प्रदूषण में कमी आई है, बल्कि यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और किफायती परिवहन सुविधा भी मिली है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य केवल संख्यात्मक वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि बेहतर कनेक्टिविटी, ज़ीरो-एमिशन ट्रांसपोर्ट और भविष्य-तैयार शहरी मोबिलिटी सिस्टम का निर्माण करने के लगतार प्रभावी प्रयास चल रहे हैं।
Leave a comment