
Predator Drones: भारत और अमेरिका के बीच मंगलवार को महत्वपूर्ण डिफेंस डील पर साइन होने वाले हैं। यह डील सशस्त्र बलों के लिए MQ9B ड्रोन खरीदने को लेकर है। यह डिफेंस डील 34,500 करोड़ रुपये की है। सरकार-से-सरकार समझौते के तहत हस्ताक्षरित इस सौदे में भारतीय सशस्त्र बलों को 31 लंबी दूरी के ड्रोन मिलेंगे। इससे आर्मी, एयरफोर्स और नेवी में शामिल किया जाएगा।
यहां हो सकती तैनाती
भारत संभवत: चार स्थानों पर ड्रोन तैनात करेगा, जिनमें चेन्नई के पास आइएनएस राजाली, गुजरात में पोरबंदर, उत्तर प्रदेश में सरसावा व गोरखपुर शामिल हैं।बता दें, प्रिडेटर बेहद घातक ड्रोन है। यह 1900 किमी तक के क्षेत्रफल में निगरानी करने में सक्षम है। वहीं 480 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भर सकता है। भारत सबसे आधुनिक वर्जन को खरीदने जा रहा है। अमेरिकी सेना ने प्रिडेटर ड्रोन का इस्तेमाल अफगानिस्तान में खूब किया। अल कायदा के खिलाफ कई मानवरहित मिशन में इन ड्रोनों ने खूब तबाही मचाई। लादेन की तलाश में भी इसी ड्रोन का अमेरिका ने इस्तेमाल किया था। अल कायदा नेता अल जवाहिरी भी इसी ड्रोन के हमले में मारा गया था।
बेहद खास हैं प्रीडेटर ड्रोन
एमक्यू-9बी रीपर या प्रीडेटर ड्रोन की सबसे बड़ी खासियत ये है कि ये ड्रोन 40 हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर करीब 40 घंटे तक उड़ान भर सकता है। यह ड्रोन सर्विलांस और हमले के लिहाज से बेहतरीन है और हवा से जमीन पर सटीक हमले करने में सक्षम हैं। यह हर प्रकार के मौसम में 40 घंटे से अधिक समय तक उपग्रह के माध्यम से उड़ान भर सकता है। अपनी क्षमताओं की वजह से प्रीडेटर ड्रोन को मानवीय सहायता/आपदा राहत, खोज और बचाव, कानून प्रवर्तन, विरोधी सतह युद्ध, पनडुब्बी रोधी युद्ध, एयरबोर्न माइन काउंटरमेसर, लंबी दूरी की रणनीतिक आईएसआर, ओवर-द-एयर लक्ष्यीकरण, पनडुब्बी रोधी युद्ध में इस्तेमाल किया जा सकता है।
Leave a comment