
KANJHAWALA CASE UPDATE: कंझावला हिट-एंड-रन मामले में 1जनवरी की तड़के 20वर्षीय अंजलि सिंह की चौंकाने वाली और दर्दनाक मौत का कारण बना, अब इस मामले में राष्ट्रीय फोरेंसिक से पांच फोरेंसिक विशेषज्ञों की एक टीम साइंस यूनिवर्सिटी (NFSU), गुजरात से दिल्ली में अपराध स्थल का दौरा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। बता दें कि, पुलिस उपायुक्त (DCP) हरेंद्र के. सिंह के अनुरोध पर टीम राष्ट्रीय राजधानी में आ रही है।
आपको बता दें कि, 20 वर्षीय अंजलि की 1 जनवरी की तड़के मौत हो गई थी, जब उसके स्कूटर को एक कार ने टक्कर मार दी थी, जो उसे राष्ट्रीय राजधानी में सुल्तानपुरी से कंझावला तक 12 किलोमीटर से अधिक तक खींचती रही। CCTVफुटेज से पता चला है कि उसके शरीर को लगभग 12 किमी तक एक कार द्वारा घसीटा गया था। कंझावला इलाके में उसकी नग्न लाश मिली थी।
मामले की जांच के लिए कुल 18टीमों का गठन
दिल्ली पुलिस ने आरोपियों का पता लगाने और मामले की जांच के लिए कुल 18टीमों का गठन किया था। पुलिस ने अब तक सात आरोपियों आशुतोष, अंकुश खन्ना, दीपक खन्ना, अमित खन्ना, कृष्ण, मिथुन और मनोज मित्तल को गिरफ्तार किया है। अंकुश को हाल ही में कोर्ट ने जमानत दी थी।
दिल्ली पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ दर्ज FIRमें भारतीय दंड संहिता (IPC) की 'सबूतों को नष्ट करने' की धारा को भी जोड़ा है। खबरों के अनुसार, ''आरोपियों के बयान में बेमेलता मिलने के बाद पुलिस ने FIRमें भारतीय दंड संहिता की धारा 201 जोड़ दी।'' वहीं पूछताछ के दौरान पता चला कि कार अमित चला रहा था, दीपक नहीं।
सोची-समझी साजिश है
जानकारी के लिए बता दें कि, इस मामले में दिल्ली पुलिस ने यौन उत्पीड़न से इनकार किया था। पोस्टमॉर्टम मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में किया गया। पुलिस ने कहा कि शव परीक्षण में "यौन उत्पीड़न का कोई चोट नहीं" पाया गया। हालांकि, अंजलि की मां और परिवार के रिश्तेदारों ने इस दुर्घटना को "सोची-समझी साजिश" करार दिया और सभी आरोपियों को सख्त सजा देने की मांग की।
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