
Kanjhawala Case: कंझावला हिट एंड रन मामले में स्थानीय अदालत ने आरोपी आशुतोष भारद्वाज को मंगलवार को जमानत दे दी है। सोमवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुशील बाला डागर ने भारद्वाज की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। न्यायाधीश ने मंगलवार को कहा, "उसे 50,000रुपये के जमानत मुचलके पर जमानत दी जाती है।"
आपको बता दें कि, जमानत की अन्य शर्तों में आरोपी सबूतों से छेड़छाड़ नहीं करना, दिल्ली-एनसीआर नहीं छोड़ना, जरूरत पड़ने पर जांच में शामिल होना और अपना मोबाइल फोन चालू रखना शामिल है। न्यायाधीश ने मौखिक रूप से कहा कि भारद्वाज की भूमिका अपराध के बाद शुरू हुई। मामले में विस्तृत आदेश की प्रतीक्षा है।
वहींअतिरिक्त लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव ने कहा कि पुलिस मामले में धारा 302 (हत्या) के प्रावधानों को लागू करेगी और एक साजिश के नजरिए से भारद्वाज की गतिविधियों की जांच की जा रही है। हत्या के अपराध में मृत्युदंड या आजीवन कारावास और जुर्माना हो सकता है। सात आरोपियों में से छह पर शुरू में गैर इरादतन हत्या से संबंधित धारा 304 के तहत मामला दर्ज किया गया था, जो हत्या की श्रेणी में नहीं आती। इस अपराध में जुर्माने के अलावा आजीवन कारावास या किसी एक अवधि के लिए कारावास जिसे 10 वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है।
भारद्वाज के वकील शिल्पेश चौधरी ने तर्क दिया कि कथित अपराध के बाद वह तस्वीर में आ गए थे और अपराध जमानती थे।बता दें कि, भारद्वाज की जमानत याचिका पिछले सप्ताह एक मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट द्वारा खारिज किए जाने के बाद चौधरी ने सत्र अदालत का रूख किया था।
क्या है पूरा मामला
अंजलि सिंह (20) की नए साल के शुरुआती घंटों में मौत हो गई थी जब उसके स्कूटर को एक कार ने टक्कर मार दी थी, जो उसे सुल्तानपुर से कंझावला तक 12 किलोमीटर से अधिक तक घसीटती चली गई।पुलिस ने 2 जनवरी को इस मामले में दीपक खन्ना (26), अमित खन्ना (25), कृष्ण (27), मिथुन (26) और मनोज मित्तल को गिरफ्तार किया था। वहीं एक अन्य आरोपी अंकुश ने 6 जनवरी को आत्मसमर्पण किया और अगले दिन जमानत पर रिहा हो गया।
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