Gangs Of Delhi: 3 महीने...20 कत्ल, यमुनापार उभर रहे क्राइम के नए बादशाह, पुलिस की भी उड़ी नींद

Gangs Of Delhi: 3 महीने...20 कत्ल, यमुनापार उभर रहे क्राइम के नए बादशाह, पुलिस की भी उड़ी नींद

Delhi Crime News: दिल्ली में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। देश की राजधानी हत्या के बढ़ते मामलों को लेकर सुर्खियों में है। पुलिस पूरी तरह से तैयार होने के अपने दावे पर कायम है। वहीं तिहाड़ जेल से चल रहे नेक्सस के अलावा यहां हत्या जैसे हार्डकोर क्राइम भी बढ़े हैं। पहले दिल्ली पुलिस दावा करती थी कि हम सदैव आपके साथ हैं, इसके बाद दुनिया की हाईटेक पुलिस की सूची में शामिल दिल्ली पुलिस ने 'शांति, सेवा, न्याय' पर फोकस किया। फिर ऐसी कौन सी कमी है जिससे राजधानी में अपराधियों के हौंसले इतने बुलंद हैं?

यमुनापार बढ़ा अपराध - तीन महीने में 20 हत्याएं

TOIकी रिपोर्ट के मुताबिक यमुनापार में अपराध बढ़ गया है। 6 जुलाई को डीयू के एक छात्र का शाहदरा से अपहरण कर लिया गया था और उसका शव बागपत में मिला था। 11 जुलाई को भजनपुरा में एक जिम मालिक को बेरहमी से 17 बार चाकू मारा गया था। इसी दिन जाफराबाद में 16 साल के किशोर को गोली मार दी गई। 14 जुलाई को जीटीबी अस्पताल के अंदर एक हत्या हुई थी।

जून महीने की बात करें तो 3 जून को नंदनगरी में एक अधेड़ उम्र के शख्स की हत्या कर दी गई थी। 12 जून को वेलकम इलाके में हुई गैंगवार में दो लोगों को गोली लगी थी। इसी तारीख को नंदनगरी में एक 65 वर्षीय व्यक्ति की उसके बेटे ने हत्या कर दी थी। 16 जून को न्यू उस्मान पुर में एक प्रॉपर्टी डीलर को अज्ञात बदमाशों ने गोली मार दी थी। 19 जून को सीलम में एक शख्स की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। 30 जून को नाथू कॉलोनी के रेलवे ट्रैक के पास से 32 वर्षीय युवक को गोद लिया गया था।

सबसे खराब था मई का माहौल

मई माह में 2 मई से 30 मई के बीच 11 आपराधिक घटनाएं हुईं। अधिकतर मामले हत्या के थे। ये घटनाएं करावल नगर, जाफराबाद, हर्ष विहार, सीलमपुर, न्यू उस्मानपुर, शाहदरा, कृष्णानगर, कबीर नगर और शास्त्री पार्क इलाके में हुईं। इन सभी अपराधों में से कुछ व्यक्तिगत प्रतिद्वंद्विता पर आधारित अपराध थे और कुछ गैंगवार पर आधारित अपराध थे।

ये नाम फैला रहे है सबसे ज्यादा दहशत

इन घटनाओं में हाशिम बाबा गैंग, माया गैंग, पहलवान गैंग, मस्तान गैंग, चौधरी गैंग और नासिर गैंग का नाम सामने आया। कुल मिलाकर इन बदमाशों ने पुलिस की नाक में दम कर दिया। वहीं, पुलिस अपराधियों और बदमाशों के दिल-दिमाग में ऐसा माहौल नहीं बना पाई है कि अपराधी दिल्ली की सीमा के भीतर अपराध करने से पहले 100 बार सोचें। ऐसे में दिल्ली के क्राइम ग्राफ को कम करने के लिए पुलिस को और अधिक तेजी और तत्परता से काम करने की जरूरत है।

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