बुमराह की कप्तानी का सपना क्यों चकनाचूर? सिडनी टेस्ट ने बदली कहानी!

Jasprit bumrah: रोहित शर्मा के टेस्ट संन्यास के बाद जसप्रीत बुमराह को माना जा रहा था अगला कप्तान, लेकिन सिडनी टेस्ट ने पलट दी पूरी बाजी । भारतीय क्रिकेट टीम के लिए यह साल बड़े बदलावों का रहा । पहले रविचंद्रन अश्विन का अचानक संन्यास, फिर रोहित शर्मा का टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहना, और अब खबर है कि स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने भी टेस्ट कप्तानी की रेस से खुद को बाहर कर लिया है।
रोहित के संन्यास के बाद बुमराह को कप्तानी का दावेदार माना जा रहा था, खासकर तब, जब उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 में दो टेस्ट मैचों में शानदार मार्ग दर्शन किया था। लेकिन इस साल जनवरी में सिडनी टेस्ट के दौरान कुछ ऐसा हुआ जिस वजह से बुमराह की कप्तानी की राह में रोड़ा बन गया ।
सिडनी टेस्ट: जहां बदली बुमराह की तकदीर
बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के पांचवें टेस्ट में सिडनी में बुमराह ने भारतीय टीम की कमान संभाली थी, जब रोहित शर्मा पर्सनल कारणों से मौजूद नहीं थे। इस मैच में बुमराह ने न केवल गेंदबाजी में कमाल दिखाया, बल्कि कप्तानी में भी अपनी छाप छोड़ी। हालांकि, मैच के दौरान उनकी पीठ में अचानक ऐंठन शुरू हुई, जिसके कारण वह पूरी तरह से गेंदबाजी नहीं कर पाए। यह चोट इतनी गंभीर थी कि बुमराह को न केवल सिडनी टेस्ट से बाहर होना पड़ा, बल्कि इसके बाद वह आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 से भी चूक गए। इस चोट ने उनके वर्कलोड मैनेजमेंट पर सवाल उठाए और BCCI को उनकी फिटनेस को लेकर सतर्क कर दिया।
क्यों पीछे हटे बुमराह?
स्थानीय मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, बुमराह ने इंग्लैंड के खिलाफ आने वाले पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए कप्तानी की जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया है। इसकी सबसे बड़ी वजह है उनकी फिटनेस और वर्कलोड मैनेजमेंट । बुमराह ने चयनकर्ताओं को साफ कर दिया कि वह सभी पांच टेस्ट मैचों में खेलने की गारंटी नहीं दे सकते। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर लगातार पांच टेस्ट खेलने के बाद उनकी चोट ने BCCI को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि कप्तान के रूप में एक ऐसे खिलाड़ी की जरूरत है, जो पूरी सीरीज में उपलब्ध रहे। बुमराह का इतिहास भी चोटों से भरा रहा है—2022-23 में वह करीब एक साल तक मैदान से बाहर थे, और इस साल की शुरुआत में भी चार महीने की रिकवरी में बिताए।
सुनील गावस्कर का समर्थन, फिर भी नहीं माने बुमराह
भारतीय क्रिकेट के दिग्गज सुनील गावस्कर ने बुमराह को कप्तान बनाने की समर्थन भी दिया था। गावस्कर ने कहा, "बुमराह को ऑटोमैटिकली कप्तान बनना चाहिए। चयन समिति को उनसे बात करनी चाहिए कि क्या वह छह हफ्तों में पांच टेस्ट खेल सकते हैं।" गावस्कर का मानना था कि कप्तानी की जिम्मेदारी बुमराह को अपनी गेंदबाजी को बेहतर ढंग से मैनेज करने में मदद कर सकती है। लेकिन बुमराह ने अपनी फिटनेस को ऊपर रखते हुए यह जिम्मेदारी लेने से मना कर दिया।
कप्तानी की रेस में अब कौन?
बुमराह के बाहर होने के बाद अब शुभमन गिल और ऋषभ पंत कप्तानी की रेस में सबसे आगे हैं। पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, शुभमन गिल को टेस्ट कप्तान और पंत को उप-कप्तान बनाने पर विचार चल रहा है। गिल ने आईपीएल 2025 में गुजरात टाइटंस की कप्तानी में शानदार प्रदर्शन किया है और वनडे में भी वह उप-कप्तान की भूमिका निभा चुके हैं। वहीं, पंत की आक्रामक शैली और विकेटकीपिंग कौशल उन्हें एक मजबूत दावेदार बनाता है। चयनकर्ताओं की बैठक अगले हफ्ते होने वाली है, और 24 मई तक नए कप्तान की घोषणा की उम्मीद है।
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