
नई दिल्ली: जहां एक तरफ दुनिया भर में कोरोना ने अपना कहर मचाया हुआ है,वहीं दूसरी तरफ अब एक नए वायरस का नाम सामने आ रहा है। जिसका नाम मारबर्ग वायरस बताया जा रहा है। डब्ल्यूएचओं का कहना है कि यह वायरस कोरोना और इबोला से भी ज्यादा खतरनाक है। यह वायरस चमकादड़ों से फैलता है और बात अगर इस के मृत्यु दर की करें तो इसका मृत्यु दर 88प्रतिशत तक होता है।
बता दें कि पश्चिम अफ्रीकी देश के घाना में इस मारबर्ग वायरस के दो मामले सामने आ चुके है,जिसने अब तक कुल दो लोगों की जान भी ले ली है। इस नए वायरस के आने से लोगों की चिंता ज्यादा बढ़ गई है। फिलहाल प्रशासन ने दोनों संक्रमितों के संपर्क में आने वाले लोगों को आइसोलेट कर दिया है। दोनों संक्रमितों में से एक की उम्र 26और दूसरे की उम्र 51बताया गया है। हालांकि डब्ल्यूएचओ अफ्रीका के रिजनल डायरेक्टर डॉ. मत्शिदिसो मोएती का कहना है की हेल्थ अथॉरिटी इस खतरनाक बीमारी को लेकर अलर्ट हो चुकी है ताकि अगर वायरस का खतरा बढ़ता है तो उस पर काबू पाया जा सके।
जानकारी के लिए बता दें की मारबर्म वायरस के लक्षणों में तेज बुखार,तेज सिरदर्द प्रमुख है। इसके अलावा मांसपेशियों में दर्द और संक्रमण के तीसरे दिन लूज मोशन,पेट दर्द और उल्टीयां भी शुरू हो जाती है। लक्षणों की शुरुआत के 2से 7दिनों के बीच शरीर पर दाने भी निकल सकते हैं। कई रोगियों को ब्लीडिंग भी होने लगती है. उल्टी और मल के साथ-साथ नाक, मसूड़ों से खून निकलने लगता है। सबसे पहले इस बीमारी का पता साल 1967में जर्मनी के मारबर्ग में चला था।जिसके बाद इस बीमारी के मामले लगातार बढ़ रहे है।
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