
नई दिल्ली: कोरोना वायरस के रोकथाम के लिए देशभर में लगाए गए लॉकडाउन का सबसे ज्यादा असर ब्लड शुगर लेवल और डायबिटीज के मरीजों पर पड़ सकता है. जी हां एक रिपोर्ट में डॉक्टरों ने इस बात की पुष्टि की है. लॉकडाउन के दौरान जहां एक तरफ कई मरीजों ने या तो ठीक से दवाइयां नहीं ली, खाने-पीने में परहेज नहीं किया या फिर शुगर लेवल को ठीक रखने के लिए पर्याप्त व्यायाम नहीं किया.
आपको बता दें की जब मार्च महीने में लॉकडाउन लगाया गया था उसके बाद डॉक्टरों ने इस बात को नोटिस किया कि कई गंभीर मरीजों का शुगर लेवल बढ़ गया था. हालत ये हो गई कि मई में कोविड-19के पहले लहर के चरम पर होने के दौरान कई मरीजों का शुगल लेवल बढ़कर 400तक पहुंच गया था.
विश्वभर से आए आंकड़ों से यह जाहिर होता है कि कोविड-19मरीजों की मौत और बिगड़ते हालात से डायबिटीज का संबंध है. डॉक्टरों का ऐसा मानना है कि कोरोना का डायबिटीज पर लंबे समय तक असर रहेगा और कुछ को ज्यादा मेडिकेशन और इंसुलिन की जरूरत भी पड़ेगी.कोरोना का एक ऐसा वायरस है जिसका तमाम प्रयासों के बावजूद अब तक इलाज नहीं मिल सका है.
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