भारत के लिए बढ़ी चिंता! ईरानी संसद ने होर्मुज खाड़ी बंद करने को दी मंजूरी

Iran Decision on Hormuz Oil Corridor: ईरान और इजराइल के बीच चल रहे तनाव और अमेरिका द्वारा ईरान के परमाणु ठिकानों पर हालिया हमलों के बाद, ईरानी संसद ने 22 जून 2025 को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह फैसला वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव डाल सकता है। विशेष रूप से भारत जैसे देशों पर जो अपनी तेल आवश्यकताओं के लिए इस जलमार्ग पर निर्भर हैं। लेकिन अभी इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद और सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को लेना बाकी है।
होर्मुज जलडमरूमध्य का महत्व
होर्मुज जलडमरूमध्य जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। विश्व का सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्ग है। यह मात्र 33 किलोमीटर चौड़ा है। लेकिन इसके माध्यम से विश्व का लगभग 20% कच्चा तेल और 25% प्राकृतिक गैस परिवहन होता है। भारत जो अपनी तेल आवश्यकताओं का लगभग 50% हिस्सा इस मार्ग के माध्यम से आयात करता है। इसलिए होर्मुज खाड़ी के बंद हेने से प्रभावित हो सकता है। भारत प्रतिदिन लगभग 5.5 मिलियन बैरल कच्चे तेल का आयात करता है। जिसमें से 2 मिलियन बैरल होर्मुज के रास्ते आते हैं।
भारत पर संभावित प्रभाव
जानकारों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से तेल की कीमतों में 30-50% तक की वृद्धि हो सकती है। जिससे भारत में मुद्रास्फीति बढ़ सकती है। इससे पेट्रोल, डीजल और अन्य ईंधन की कीमतें आसमान छू सकती हैं। जो आम जनता की जेब पर भारी पड़ सकता है। हालांकि भारत ने हाल के वर्षों में रूस, अमेरिका और ब्राजील जैसे देशों से तेल आयात को विविधता प्रदान की है। जिससे इस संकट का प्रभाव कुछ हद तक कम हो सकता है। फिर भी वैश्विक तेल आपूर्ति में 20% की कमी भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर
होर्मुज जलडमरूमध्य का बंद होना केवल भारत तक सीमित नहीं रहेगा। चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे एशियाई देश जो इस मार्ग पर निर्भर हैं। जिनका भी भारी नुकसान हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार इस बंदी से वैश्विक तेल आपूर्ति में भारी व्यवधान उत्पन्न होगा। जिससे तेल की कीमतें वैश्विक स्तर पर बढ़ सकती हैं। अमेरिका ने इस फैसले के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया दी है और सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है।
भारत की रणनीति
होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का ईरान का फैसला वैश्विक और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक बड़ा खतरा है। भारत को अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने होंगे। इस संकट से निपटने के लिए भारत सरकार और तेल कंपनियों को रणनीतिक भंडार का उपयोग और वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों पर ध्यान देना होगा।
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