
Cash For Query : कैश पर क्वेरी मामले में फंसी टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। दरअसल, आज लोकसभा की एथिक्स कमेटी की अहम बैठक होने वाली है। महुआ मोइत्रा पर लगे आरोप पर तैयार रिपोर्ट इस बैठक में स्वीकार किए जाने की संभावना है। ये बैठक शाम चार बजे होनी है।
दरअसल, 500पन्नों की संसदीय आचार समिति की इस रिपोर्ट में सिफारिश की गई है कि महुआ मोइत्रा को सांसद बने रहने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए और साथ ही उनकी सदस्यता को खत्म कर देना चाहिए। संसदीय आचार समिति ने टीएमसी सांसद के एक्शन को काफी आपत्तिजनक, अनैतिक, जघन्य और आपराधिक" बताया है और कहा है कि समिति कड़ी सजा की मांग करती है। यही नहीं समिति ने यह भी सिफारिश की है कि पूरे मामले की "कानूनी, गहन, संस्थागत और समयबद्ध जांच" की जाए।
निशिकांत दुबे ने किया था दावा
समिति ने निष्कर्ष निकाला है कि टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने "अनधिकृत व्यक्तियों" के साथ यूजर आईडी शेयर की, बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी से नकदी और सुविधाएं ली थीं और ये "गंभीर अपराध" था। समिति की तरफ से "गंभीर सज़ा" की मांग की गई है। वहीं एक दिन पहले निशिकांत दुबे ने ये दावा किया था कि लोकपाल ने महुआ मोइत्रा के खिलाफ सीबीआई जांच के आदेश दिए है। वहीं इस मामले पर लोकपाल की तरफ से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
महुआ मोइत्रा ने किया पलटवार
जिस पर महुआ ने पलटवार करते हुए कहा कि सीबीआई को पहले अडानी समूह के कथित कोयला घोटाले की जांच के लिए प्राथमिकी दर्ज करनी चाहिए। ये मुद्दा राष्ट्रीय सुरक्षा का है कि कैसे संदिग्ध एफपीआई स्वामित्व वाली अडानी कंपनियां भारतीय बंदरगाहों और हवाई अड्डों को खरीद रही है। उन्होंने हमला बोलते हुए कहा कि सीबीआई आपका स्वागत है।आओ और मेरे जूती गिनो।''
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