
नई दिल्ली: राजस्थान और गुजरात में पिछले कुछ हफ्तों में ही लम्पी स्किन डिजीज (LSD) नामक एक वायरल संक्रमण के कारण लगभग 3,000 मवेशियों की मौत हो गई है। यह डिजीजपूरे राज्यों में तेजी से फैल गया है। वहीं सीएम भूपेंद्र पटेल ने राज्य के सबसे बुरी तरह प्रभावित शहरों में से एक जामनगर जिले का दौरा कियाहै। गुजरात के पशुपालन विभाग के सचिव ने दावा किया है कि केवल 1 प्रतिशत मवेशी ही इस बीमारी से प्रभावित हैं। साथ ही राजस्थान में भी यह बीमारी फैली जिससे सैकड़ों मवेशियों की मौत हो गई।
क्या है लम्पी स्किन डिजीज
Capripoxvirus लम्पी स्किन डिजीज का कारण बनता है। यह गोटपॉक्स और शीपपॉक्स वायरस के समान है। यह एक वायरल रोग है जो मवेशियों के खून पर फ़ीड करने वाले कीड़ों से फैलता है। इन कीड़ों में मक्खियाँ, मच्छर और टिक शामिल हैं। लम्पी स्किन डिजीज लक्षणों में बुखार, आंखों और नाक से स्राव, अधिक लार, मवेशियों के शरीर पर छाले और दूध उत्पादन में कमी शामिल हैं। मवेशियों को खाने में भी परेशानी होती है।
बता दे कि,वायरस का जल्द पता लगने से इसके प्रसार को सीमित करने में मदद मिल सकती है। प्रभावित मवेशियों को अलग-थलग कर देना चाहिए। स्वस्थ पशुओं को रोग से बचाव के लिए टीका लगाया जाना चाहिए। जिस क्षेत्र में प्रभावित मवेशियों को रखा गया था, उसे ठीक से कीटाणुरहित किया जाना चाहिए।मृत मवेशियों को उच्च तापमान पर जलाना चाहिए। यह रोग मवेशियों और भैंसों को प्रभावित करता है लेकिन अन्य पशुओं को नहीं। यह वायरस इंसानों को प्रभावित नहीं करता है।
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