
New Rules Change from Jan 1 2026:साल 2026 की शुरुआत हो चुकी है। लेकिन यह सिर्फ तारीखों का बदलाव नहीं ला रहा, बल्कि वित्तीय जगत में कई अहम नियमों में संशोधन लेकर आ रहा है। 2026 की शुरुआत घरेलू बजट पर दोहरी मार के साथ हुई है। एक तरफ कॉमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी ने छोटे-मोटे व्यवसायों और होटलों को झटका दिया है, वहीं दूसरी ओर दिल्ली-NCR में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के दाम कम होने से लाखों घरेलू उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिली है।
इसके अलावा बैंकिंग, लोन, डिजिटल पेमेंट, टैक्स और सरकारी योजनाओं के नियमों में भी बदलाव हुए, जो सीधे आम आदमी की जेब और रोजमर्रा के लेन-देन पर असर डालेंगे। ये नियम RBI, सरकार और अन्य नियामक संस्थाओं के निर्देशों पर आधारित हैं। तो चलिए जानते है 01जनवरी से क्या-क्या बदलाव हुए।
1. कॉमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (IOC, BPCL, HPCL) ने 1 जनवरी 2026 से 1 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में 111 रुपये तक की बढ़ोतरी की है। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय बाजार में LPG कीमतों और परिवहन लागत के कारण हुई है। हालांकि, राहत की बात यह है कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर (Indane, Bharat Gas, HP Gas) की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली में यह सिलेंडर अभी भी 853 रुपये में उपलब्ध है। यानी LPG इस्तेमाल करने वाले घर: घरेलू सिलेंडर की कीमत स्थिर रहने से राहत मिलेगी।
2. PNG गैस के दाम
दिल्ली-NCR में इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के दाम 0.70 रुपये प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (SCM) कम कर दिए हैं। यह कटौती पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (PNGRB) द्वारा 1 जनवरी से लागू की गई नई एकीकृत पाइपलाइन टैरिफ संरचना का नतीजा है, जिसमें जोन की संख्या तीन से घटाकर दो कर दी गई और Zone-1 का रेट पूरे देश में एक समान (करीब 54 रुपये प्रति मिलियन BTU) कर दिया गया।
3. क्रेडिट स्कोर के नियमों में होगा बदलाव
अब तक क्रेडिट ब्यूरो (जैसे CIBIL, Experian) आमतौर पर मासिक या हर 15-45 दिन में डेटा अपडेट करते थे। लेकिन 01जनवरी 2026 से क्रेडिट स्कोर अब साप्ताहिक यानी हर हफ्ते अपडेट करना होगा। समय पर EMI चुकाने वालों का स्कोर तेजी से सुधरेगा, जिससे बेहतर लोन दरें और आसान अप्रूवल मिल सकता है।
4. PAN को आधार से लिंक न करने पर सख्त एक्शन
31दिसंबर 2025 तक PAN को आधार से लिंक न करने पर 01जनवरी 2026 से PAN इनऑपरेटिव हो सकता है। जिस वजह से टैक्स रिफंड, बैंकिंग सेवाएं, निवेश, सब्सिडी और बड़े लेन-देन प्रभावित होंगे। साथ ही, लिंकिंग न होने पर ₹1,000 तक जुर्माना भी लग सकता है।
5. UPI और डिजिटल पेमेंट पर सख्ती
डिजिटल फ्रॉड रोकने के लिए UPI (Google Pay, PhonePe, WhatsApp Pay आदि) पर अतिरिक्त सिक्योरिटी लेयर लागू होंगे। इसके तहत ट्रांजेक्शन चेक, SIM वेरिफिकेशन और KYC नियम और कड़े होंगे। मैसेजिंग ऐप्स (WhatsApp, Telegram) पर भी सख्त SIM वेरिफिकेशन आएगा। इस बदलाव से सुरक्षा तो बढ़ेगी, लेकिन कभी-कभी ट्रांजेक्शन में अतिरिक्त स्टेप्स लग सकते हैं।
6. लोन ब्याज दरों में राहत
कई बड़े बैंक (SBI, PNB, HDFC) पहले ही लोन दरें कम कर चुके हैं। लेकिन अब जनवरी 2026से नई FD दरें भी लागू होंगी। इससे होम लोन, पर्सनल लोन सस्ते हो सकते हैं, लेकिन FD पर रिटर्न कम होने की संभावना। अच्छे क्रेडिट स्कोर वाले को और बेहतर दरें मिलेंगी।
7. नया इनकम टैक्स कानून होगा लागू
जनवरी 2026 में इनकम टैक्स के नियमों में भी बदलाव हो सकते है। दरअसल, पुराने 'इनकम टैक्स एक्ट 1961' की जगह 01अप्रैल 2026से नया इनकम टैक्स कानून लागू होगा। नए कानून के तहत टैक्स प्रक्रिया को सरल बनाना और मुकदमेबाजी को कम होंगे।
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