
Share Market Update: हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शेयर बाजार हरे निशान पर खुला और दोपहर तक भारी गिरावट देखी गई। कारोबारी सत्र की शुरुआत में सेंसेक्स करीब 400 अंक बढ़कर 75,018 अंक पर खुला था। लेकिन दोपहर में हुई गिरावट से एक झटके में लाखों करोड़ों रुपये का नुकसान हो गया।आज सेंसेक्स अपने उच्च स्तर से 1600 अंक गिर गया। इससे बाजार में हंगामा मच गया। वहीं आज के कारोबार के दौरान निफ्टी अपने सर्वकालिक उच्चतम स्तर 22,794 पर पहुंच गया। लेकिन बाद में इसमें 400 अंकों से ज्यादा की गिरावट भी देखी गई।
400अंक की बढ़त के साथ खुला था सेंसेक्स
शुक्रवार सुबह सेंसेक्स 400 अंक बढ़कर 75,017 अंक पर खुला। दोपहर 12 बजे से पहले के कारोबारी सत्र में यह करीब 130 अंक की बढ़त के साथ ट्रेंड कर रहा था। लेकिन दोपहर में अचानक गिरावट आई और यह 1000 अंक से ज्यादा नीचे आ गया। कारोबारी सत्र के दौरान यह 73,467 अंक के स्तर तक गिर गया।वहीं दोपहर 1 बजे के आसपास निफ्टी 250 अंक गिरकर 22,400 अंक के नीचे पहुंच गया। इस दौरान इसमें 22,348 अंक की गिरावट आई और बाद में इसमें फिर तेजी देखी गई। बैंक निफ्टी 475 अंक से ज्यादा गिरकर 48,765 के स्तर पर आ गया। बीएसई के 30 शेयरों में से 28 गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे।
30में से 26शेयर गिरे
सेंसेक्स में 1400 अंक की गिरावट के बाद दोपहर में रिकवरी देखी गई। दोपहर करीब 3 बजे सेंसेक्स 855.71 अंक गिरकर 73,755 अंक पर कारोबार करता देखा गया। इसी तरह निफ्टी 208 अंक की गिरावट के साथ 22,439.75 अंक पर कारोबार करता देखा गया। इस समय सेंसेक्स के 30 में से 26 शेयर लाल निशान के साथ कारोबार करते दिखे। सबसे ज्यादा 2.8 फीसदी की गिरावट एलएंडटी के शेयरों में देखने को मिली। बाजार में भारी गिरावट के चलते CEAT टायर के स्टॉक में 4.2 फीसदी, ज्योति लैब्स में 3.6 फीसदी, ब्लू स्टार में 3 फीसदी, MRF में 3 फीसदी और ICICI लोम्बार्ड में 2.7 फीसदी की गिरावट देखी गई।
शेयर बाज़ार में अचानक गिरावट क्यों?
शुक्रवार को शेयर बाजार में निवेशकों ने जमकर मुनाफा कमाया। जिसके चलते बाजार नीचे की ओर चला गया। आज के कारोबार में रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक और आईटी शेयरों में खूब मुनाफावसूली हुई। इसके अलावा गुरुवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा बेचे गए 964 करोड़ रुपये के शेयर भी गिरावट की वजह बने। तीसरी और अहम वजह थी आज सेंसेक्स की एक्सपायरी। आज बाजार में गिरावट के कारण लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप करीब 3 लाख करोड़ रुपये घट गया।
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