
Budget 2024: भारत सरकार अब चीन पर कुछ मेहरबानी दिखाने की सोच रही है। गलवान घाटी की घटना के बाद से दोनों देशों के बीच रिश्ते तनावपूर्ण बने हुए हैं। कई चीनी कंपनियों को देश से बाहर का रास्ता भी दिखा दिया गया था। इतना ही नहीं, चीनी कंपनियों के भारत में निवेश पर भी प्रतिबंध है। लेकिन अब सरकार कुछ कंपनियों के भारत में निवेश को मंजूरी दे सकती है।
ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार कुछ चीनी कंपनियों के निवेश को मंजूरी देने के विकल्पों पर विचार कर रही है। ये मुख्य रूप से सौर मॉड्यूल और महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियां हैं।
चीन की कंपनियों के पास अच्छी टेक्नोलॉजी
खबर के मुताबिक वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय में हाई टेक्नोलॉजी की जरूरत वाले सोलर मॉड्यूल और क्रिटिकल मिनरल्स सेक्टर के लिए चीनी कंपनियों के निवेश का मुद्दा टेबल पर है। इस क्षेत्र में काम करने वाली कुछ चीनी कंपनियों को निवेश प्रतिबंध के नियमों से छूट देने पर बातचीत चल रही है, हालांकि ये बातचीत अभी निजी है और इस मुद्दे पर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
दरअसल, लिथियम से बनी बैटरियां भी क्रिटिकल मिनरल्स सेक्टर में शामिल हैं। सरकार ने बजट में बैटरी और सोलर मॉड्यूल पर सीमाशुल्क को कम भी किया है, जो देश की ऊर्जा संरक्षण, ऊर्जा परिवर्तन और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की जरूरतों के मुताबिक हैं। सोलर और ईवी दोनों पर ही सरकार का बड़ा फोकस है।
अधिक निवेश आकर्षित करने की जरूरत
इसके अलावा सरकार के आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 में साफ कहा गया है कि देश को और अधिक निवेश आकर्षित करने की जरूरत है। इसलिए सरकार चीनी कंपनियों के निवेश को मंजूरी देने पर विचार कर रही है। रॉयटर्स की एक खबर में सरकार द्वारा चीन पर मेहरबानी दिखाने की संभावना पर चर्चा की गई है। बजट में भी सरकार ने एंजल टैक्स खत्म करने और विदेशी कंपनियों के कॉरपोरेट टैक्स को 40 से घटाकर 35 फीसदी करने जैसे प्रावधान किये हैं।
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