
Budget 2024: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को मोदी 3.0 का पहला बजट पेश करने जा रही हैं। ऐसे में जवान और किसान प्रधान राज्य हरियाणा को भी इस बार बजट से काफी उम्मीदें हैं। इन उम्मीदों की एक बड़ी वजह इस साल राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव हैं। अब से 3 महीने बाद हरियाणा में 90 सीटों पर विधानसभा चुनाव होंगे। बुनियादी ढांचे के विकास के वादों के अलावा, हरियाणा में किसानों के लिए एमएसपी और सैनिकों के लिए अग्निवीर की कानूनी गारंटी का मुद्दा एक बड़ा मुद्दा है। दोनों समुदायों को निर्मला सीतारमण के बजट से राहत की उम्मीद है।
अग्निवीर ने लोकसभा चुनाव में किया था खेल
अग्निवीर हरियाणा में युवाओं के लिए बड़ा मुद्दा है। इसकी वजह है आर्मी की नौकरी। यहां के युवा बड़ी संख्या में सेना में शामिल हो रहे हैं। अग्निवीर योजना लागू होने से पहले जब सेना भर्ती हुई तो वर्ष 2019-20 में यहां से 5,097 लोगों का चयन हुआ। 2017-18 में यह संख्या 3,634 थी। हरियाणा में सेना की नौकरी बेरोजगारी कम करने का एक प्रमुख साधन थी। वर्तमान में राज्य में 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग में बेरोजगारी दर 17.5 प्रतिशत है। ये डेटा एनएसएसओ का है।
अग्निवीर मुद्दे की गूंज हालिया लोकसभा चुनाव में भी सुनाई दी थी। कांग्रेस ने पूरे हरियाणा में अपने प्रचार अभियान में इस मुद्दे को खूब भुनाया। पार्टी ने वादा किया था कि अगर वह सरकार में आई तो इस योजना को रद्द कर देगी। इस मुद्दे को उठाने से कांग्रेस को भी फायदा हुआ। पार्टी के वोटों और सीटों में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई। सीएसडीएस के मुताबिक अग्निवीर योजना हरियाणा में सबसे ज्यादा कारगर रही। हरियाणा में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में यहां के युवाओं को उम्मीद है कि सरकार इस बजट में अग्निवीर योजना को लेकर भी बड़ा वादा करेगी।
योजना को लेकर एक बड़ी चर्चा यह है कि इसका कार्यकाल 4 साल तक बढ़ाया जा सकता है। अभी तक अग्निवीर की नौकरी सिर्फ 4 साल के लिए है। बजट से पहले रक्षा मंत्रालय ने पूर्व फायरफाइटर्स को आरपीएफ और सीएपीएफ की नौकरियों में आरक्षण देने का ऐलान किया है।
चुनाव से पहले आंदोलन की तैयारी में किसान
हरियाणा एक किसान प्रधान राज्य है और यहां 89 लाख एकड़ से अधिक कृषि भूमि और 16 लाख से अधिक किसान हैं। ज्यादातर किसान धान और गेहूं की ही खेती करते हैं और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसएपी) की कानूनी गारंटी यहां एक बड़ा मुद्दा रहा है। हरियाणा समेत देश में लंबे समय से एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग हो रही है। किसानों का कहना है कि अगर एमएसपी की कानूनी गारंटी दी जाती है, तो इससे खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित होगी और बाजार में महंगाई नियंत्रण में रहेगी।
संयुक्त किसान मोर्चा भी एमएसपी को लेकर हरियाणा में विरोध प्रदर्शन की तैयारी में है। यह आंदोलन अगस्त में प्रस्तावित है। ऐसे में कहा जा रहा है कि केंद्र सरकार बजट में हरियाणा के किसानों को लेकर बड़ा ऐलान कर सकती है।
हरियाणा सरकार ने केंद्र से की है ये मांग
राज्यों के वित्त मंत्रियों की बजट पूर्व बैठक में हरियाणा सरकार ने वित्त मंत्री निर्मला से एनसीआर क्षेत्रों के लिए विशेष पैकेज की मांग की। हरियाणा सरकार का कहना है कि एनसीआर से सटे इलाकों के विकास के लिए केंद्र को विशेष पैकेज की व्यवस्था करनी चाहिए। हरियाणा 2022 से ही इस पैकेज की मांग कर रहा है। इस पैकेज से एनसीआर से सटे हरियाणा के जिलों को सीधा फायदा होगा।
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