
Budget 2025: आज, 1 फरवरी 2025 को, भारत का आम बजट पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार आठवां बजट संसद में पेश करेंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे ऐतिहासिक बजट बताया है और इस बजट से देश के विभिन्न वर्गों को कई उम्मीदें हैं। आइए, जानते हैं बजट 2025 से जुड़ी 10 प्रमुख उम्मीदें।
बता दें कि,बजट 2025में टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत मिल सकती है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वित्त मंत्री नई टैक्स व्यवस्था के तहत 10लाख रुपये तक की आय को टैक्स फ्री कर सकती हैं। इसके अलावा, 15लाख से 20लाख रुपये तक की आय पर नया 25%टैक्स स्लैब लागू किए जाने की संभावना है।
स्टैंडर्ड डिडक्शन में बढ़ोतरी
सरकार स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा बढ़ा सकती है। फिलहाल सैलरीड कर्मचारियों और पेंशनर्स को ₹75,000तक की कटौती मिलती है। इसे ₹1लाख तक बढ़ाए जाने की संभावना जताई जा रही है।
सेक्शन 80C के तहत कटौती सीमा में इजाफा
महंगाई और बढ़ते वित्तीय दबाव के कारण सेक्शन 80C की कटौती सीमा ₹1.5लाख से बढ़ाकर ₹2लाख किए जाने की मांग हो रही है। इस बदलाव से टैक्सपेयर्स को और राहत मिल सकती है।
बुजुर्गों के लिए राहत की उम्मीद
सीनियर सिटीजंस के लिए हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम की लिमिट ₹1लाख तक बढ़ाने की संभावना है। इसके अलावा, रेलवे यात्रा में कन्सेशन की मांग भी उठाई जा रही है, जिस पर वित्त मंत्री घोषणा कर सकती हैं।
महिलाओं के लिए योजनाओं का विस्तार
महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार ने पिछले बजट में ₹3लाख करोड़ का आवंटन किया था। इस बजट में इस राशि में इजाफा हो सकता है। साथ ही, Mahila Samman Saving Certificate जैसी योजनाओं की समय सीमा भी बढ़ाई जा सकती है।
PM Kisan योजना में वृद्धि
किसानों को मिलने वाली PM Kisan Yojna की राशि में बढ़ोतरी की संभावना है। वर्तमान में किसानों को ₹6,000सालाना मिलते हैं, जिसे बढ़ाया जा सकता है।
किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट में बढ़ोतरी
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना के तहत लोन की लिमिट ₹3लाख से बढ़ाकर ₹5लाख करने की संभावना है। इससे किसानों को ज्यादा वित्तीय मदद मिल सकेगी।
NPS और APY योजनाओं में सुधार
इसके अलावा, NPS (National Pension Scheme) और APY (Atal Pension Yojana) जैसी पेंशन योजनाओं के तहत लाभ बढ़ाए जाने की उम्मीद है।
इस प्रकार, बजट 2025 से टैक्सपेयर्स, किसानों, महिलाओं और बुजुर्गों सहित विभिन्न वर्गों के लिए राहत की उम्मीदें हैं। अब देखना यह होगा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इन उम्मीदों को कितना पूरा कर पाती हैं।
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