Brain Hemorrhage: गर्मियों में आखिर क्यों तेजी से बढ़ रहे ब्रेन हेमरेज के मामले? जानें क्या हैं इसके लक्षण

Brain Hemorrhage: गर्मियों में आखिर क्यों तेजी से बढ़ रहे ब्रेन हेमरेज के मामले?  जानें क्या हैं इसके लक्षण

Brain Hemorrhage: इस वक्त देश के कई इलाकों में भीषण गर्मी पड़ रही है। गर्मी ने लोगों का जीना बेहाल कर दिया है। गर्मी की वजह से लोगों को कई तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच अस्पतालों में ब्रेन हेमरेज के मामले सामने आ रहे हैं। जिसको देखकर डॉक्टर्स अलर्ट पर हैं।

गर्मियों में आमतौर पर ब्रेन हेमरेज के केस कम ही आते हैं, लेकिन डॉक्टर्स कह रहे कि तेज गर्मी और तापमान में अचानक हो रहे बदलाव के कारण लोग ब्रेन हेमरेज का शिकार हो सकते हैं। दरअसल, ब्रेन हैमरेज मस्तिष्क के अंदर या उसके आस-पास के ऊतकों में रक्तस्राव होने की स्थिति होती है। इसे मस्तिष्क रक्तस्राव भी कहा जाता है। यह स्थिति मस्तिष्क के ऊतकों को नुकसान पहुंचाती है और जीवन के लिए खतरनाक हो सकती है।

तेज गर्मी कर रही नुकसान

डॉक्टर्स के अनुसार, इस वक्त तेज गर्मी पड़ रही है। बाहर तो तेज गर्मी पड़ रही है लेकिन ऑफिस और घरों में लोग एसी में रहते हैं। शरीर 40-45 डिग्री तापामान से अचानक 20से 25डिग्री तापमान में चला जाता है। इस स्थिति में ब्रेन के फंक्शन में गड़बड़ हो जाती है। दिमाग तापमान में अचानक हुए इतने बदलाव को एडजस्ट नहीं कर पाता है। पर्याप्त मात्रा में  ब्रेन को ऑक्सीजन नहीं मिल पाता है और हेमरेज होता है।

ब्रेन हैमरेज के लक्षण:

अचानक और तीव्र सिरदर्द- बिना किसी कारण के अचानक बहुत तेज सिरदर्द हो सकता है।

जी मिचलाना और उल्टी- बिना किसी अन्य कारण के बार-बार उल्टी आना।

चक्कर आना या संतुलन खोना- चलने में कठिनाई या संतुलन बनाने में परेशानी।

कमजोरी या सुन्नपन- विशेषकर शरीर के एक तरफ में कमजोरी या सुन्नपन।

दृष्टि में परिवर्तन- दृष्टि धुंधली होना, एक आँख से दिखाई न देना या डबल विज़न।

चेतना में बदलाव- अर्धचेतना, बेहोशी या कोमा।

ब्रेन हैमरेज से बचाव:

रक्तचाप नियंत्रित रखें- उच्च रक्तचाप ब्रेन हैमरेज का प्रमुख कारण हो सकता है। नियमित रक्तचाप की जांच कराते रहें और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं।

सही आहार -संतुलित आहार लें जिसमें फल, सब्जियाँ, साबुत अनाज, और कम वसा वाले उत्पाद शामिल हों। नमक और शक्कर का सेवन सीमित करें।

व्यायाम करें -नियमित व्यायाम से हृदय स्वस्थ रहता है और रक्तचाप नियंत्रित रहता है।

धूम्रपान और शराब से बचें- धूम्रपान और अत्यधिक शराब का सेवन रक्तचाप और हृदय रोग के खतरे को बढ़ाता है।

सिर की चोटों से बचें- सिर की चोटें भी ब्रेन हैमरेज का कारण बन सकती हैं। हेलमेट पहनें और सुरक्षा उपायों का पालन करें।

स्ट्रेस को कम करें- अत्यधिक तनाव रक्तचाप बढ़ा सकता है। ध्यान, योग, और अन्य तनाव प्रबंधन तकनीकों का उपयोग करें।

नियमित स्वास्थ्य जांच- नियमित स्वास्थ्य जांच से संभावित समस्याओं का पता समय रहते चल सकता है और उपचार संभव होता है।

मधुमेह और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखें- ये स्थितियाँ भी हृदय और मस्तिष्क के लिए जोखिम पैदा करती हैं।

दवाओं का सही उपयोग- डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं का सही तरीके से सेवन करें और बिना परामर्श के कोई दवा न बदलें या बंद करें।

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