वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर जेडीयू में उथल-पुथल, दो बड़े मुस्लिम नेताओं ने दिया इस्तीफा

वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर जेडीयू में उथल-पुथल, दो बड़े मुस्लिम नेताओं ने दिया इस्तीफा

waqf bill: संसद के दोनों सदन लोकसभा और राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पास हो गया है। भाजपा के सभी सहयोगी दलों ने भी इस बिल का समर्थन किया था। इस बिल के पास होने के बाद बिहार में भाजपा के सहयोगी दल जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू)में उथल-पुथल देखने को मिल रही है। पार्टी के दो बड़े मुस्लिम नेताओं मोहम्मद कासिम अंसारी और मोहम्मद शाहनवाज मलिक ने इस्तीफा दे दिया है। दोनों नेताओं ने इस बिल का विरोध किया। उन्होंने इस बिल को मुस्लिम समुदाय के हितों के खिलाफ बताया।

मोहम्मद कासिम अंसारी, जो जेडीयू के वरिष्ठ नेता थे, ने अपने इस्तीफे में लिखा कि वे इस बात से बेहद निराश हैं कि नीतीश कुमार, जिन्हें वे सेक्युलर विचारधारा का प्रतीक मानते थे, ने इस विधेयक का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि इससे मुस्लिम समुदाय का भरोसा टूटा है और यह बिल संविधान के मूल अधिकारों का हनन करता है। वहीं, शाहनवाज मलिक, जो जमुई के जिला अध्यक्ष और अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव थे, ने भी इसी तरह की भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि ललन सिंह के लोकसभा में बिल के समर्थन में दिए गए बयान ने उन्हें और समुदाय को गहरी चोट पहुंचाई है।

जेडीयू ने बिल का किया समर्थन

यह विवाद तब शुरू हुआ जब जेडीयू ने एनडीए गठबंधन के तहत वक्फ संशोधन विधेयक का समर्थन किया। 3 अप्रैल 2025 को लोकसभा में यह बिल 288 वोटों से पास हुआ, जिसमें जेडीयू और टीडीपी जैसे सहयोगी दलों का भी योगदान था। हालांकि, पार्टी के कुछ नेताओं का मानना है कि यह फैसला बिहार में मुस्लिम वोट बैंक को नुकसान पहुंचा सकता है, खासकर जब विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। दूसरी ओर, जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं जैसे विजय कुमार चौधरी ने दावा किया कि पार्टी में इस मुद्दे पर कोई भ्रम नहीं है और नीतीश कुमार के नेतृत्व में सभी इस बिल के समर्थन में एकजुट हैं।

नीतीश कुमार के लिए बनी नई चुनौती

इस घटनाक्रम ने नीतीश कुमार के लिए एक नई चुनौती खड़ी कर दी है, क्योंकि उनकी पार्टी लंबे समय से मुस्लिम समुदाय के समर्थन का दावा करती रही है। अब सवाल यह है कि क्या यह उथल-पुथल जेडीयू की एकता और बिहार की सियासत पर असर डालेगी?

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