
पटना: बिहार में 52 लाख मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटने पर RJD नेता तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, "कल चुनाव आयोग के प्रेस नोट में हमने देखा है कि 52 लाख के करीब लोग अनुपस्थित पाए गए हैं। हम इस पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। BLO खुद ही दस्तखत कर खुद ही अपलोड कर रहे हैं तो पारदर्शिता का पालन कहीं नहीं किया गया।
तेजस्वी यादव ने कहा कि ये केवल आंकड़ा बताने की औपचारिकता पूरी की जा रही है। बहुत लोगों के पास कागज नहीं है। लोगों के मन में डर है कि नाम कटने से सरकारी स्कीम का लाभ नहीं ले पाएंगे। पहले वोटर सरकार को चुनते थे अब सरकार वोटर को चुन रही है।
इससे पहले RJD नेता तेजस्वी यादव ने SIR (विशेष गहन समीक्षा) पर कहा, "हमने आज सदन में SIR को लेकर बात रखी, लेकिन इस दौरान उपमुख्यमंत्री द्वारा इतनी हल्की राजनीति करना उन्हें शोभा नहीं देता। सदन में अगर विपक्ष का नेता नहीं बोलेगा तो बोलेगा कौन?।सदन में जब हम बोल रहे थे तो बीच में सीएम उठे लेकिन शायद उन्हें पता ही नहीं था कि किस विषय में चर्चा हो रही है। सदन में सबको विषय पता है कि चर्चा किस पर हो रही है लेकिन सीएम को नहीं पता वह अपनी मनमर्जी बोलते हैं। सीएम की स्थिति अब बिहार चलाने लायक नहीं रही। राज्य को रिमोट कंट्रोल से दिल्ली से चलाया जा रहा है। इन्होंने 50-80 लाख से अधिक वोटर के नाम सूची से हटाया है।
जो उन्होंने कहा उसमें कोई गलती नहीं थी- तेजस्वी यादव
तेजस्वी यादव ने आगे कहा, "जब भाई वीरेंद्र को उपमुख्यमंत्री ने बोला कि कैसे बोल रहे हो, क्यों बोल रहे हो? तो भाई वीरेंद्र ने जो जवाब दिया कि सदन किसी के पाप का नहीं है, उन्होंने किसी का नाम थोड़ी लिया है। जो उन्होंने कहा उसमें कोई गलती नहीं थी। वह कौन होते हैं इसमें बोलने वाले जब अध्यक्ष समय दे रहा है।
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