
Nitish Kumar News: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता लालू यादव द्वारा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को महागठबंधन में शामिल होने का जो प्रस्ताव दिया गया था, उससे सियासी हलचल मच गई थी। इस भ्रम को दूर करने के लिए, जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने खुद मोर्चा संभाल लिया और साफ कर दिया कि वह अब कहीं नहीं जाएंगे और एनडीए में ही रहेंगे।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह बयान प्रगति यात्रा के दौरान दिया। वैशाली जिले के नगवां गांव में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, “दो बार गलती हुई थी, अब सब ठीक कर दिया है। अब कहीं नहीं जाना है। हम अपने पुराने साथियों के साथ रहेंगे।” उन्होंने यह भी बताया कि अटल बिहारी वाजपेई के साथ उनके रिश्ते बहुत अच्छे थे और उन्हीं के कारण उन्हें मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिला था। नीतीश कुमार ने यह भी कहा कि वाजपेई जी की इच्छा थी कि वह बिहार के मुख्यमंत्री बनें।
तीसरी बार लालू यादव के ऑफर पर दिया स्पष्टीकरण
इससे पहले, शनिवार को गोपालगंज और रविवार को मुजफ्फरपुर में भी नीतीश कुमार ने लगभग यही बयान दिया था। उन्होंने कहा कि वह अब पुराने साथियों के साथ ही रहेंगे और किसी अन्य दल में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है। नीतीश कुमार ने लालू यादव और उनकी पत्नी राबड़ी देवी के शासन काल की आलोचना करते हुए कहा कि उस समय राज्य में हालात इतने खराब थे कि महिलाएं शाम के समय घर से बाहर नहीं निकल सकती थीं।
लालू यादव का ऑफर, लेकिन तेजस्वी का विरोध
1जनवरी को एक चैनल के साथ इंटरव्यू में लालू यादव ने नीतीश कुमार के लिए महागठबंधन का दरवाजा खुला रखने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि अगर नीतीश कुमार आना चाहें, तो उनका स्वागत है। लेकिन इस पर तेजस्वी यादव ने साफ तौर पर कहा था कि नीतीश कुमार के लिए उनके दरवाजे बंद हैं।
इन सियासी बयानबाजी के बीच, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह एनडीए में ही रहेंगे और अपनी पार्टी के पुराने साथियों के साथ अपना नाता नहीं तोड़ेंगे।
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