Bihar Election: कभी मुकेश सहनी के रहे करीबी, अब बनाई खुद की पार्टी, जानिए कौन हैं प्रदीप निषाद?

Bihar Election: कभी मुकेश सहनी के रहे करीबी, अब बनाई खुद की पार्टी, जानिए कौन हैं प्रदीप निषाद?

Who is Pradeep Nishad: बिहार विधानसभा चुनाव में चंद महीने बचे हैं लेकिन राजनीतिक सुगबुगाहट अभी से शुरु हो गई है। वोटर लिस्ट को लेकर अभी से ही सूबे में विपक्षी दलों ने मोर्चा खोल रखा है। तो वहीं NDA गठबंधन भी लगातार अपने खेमे को मजबूत करने में लगी है। इस बीच बिहार की राजनीति में एक और नई पार्टी का आगमन हो गया है। आपने विकासशील इंसान पार्टी का नाम तो सुना ही होगा, जिसकी अगुवाई मुकेश सहनी करते हैं। मुकेश सकनी प्रदेश के 11 फिसदी मल्लाह समाज के नेता होने का दावा ठोकते हैं। अब प्रदीप निषाद की अगुवाई में विकास वंचित इंसान पार्टी मैदान में उतर गई है। गौरतलब है कि प्रदीप निषाद पहले मुकेश सहनी के ही साथ थे। 2021 यूपी विधानसभा चुनाव के बाद इन दोनों में दूरियां बढ़ीं। गौरतलब है कि बिहार में 11 फिसदी मल्लाह जाति के लोग हैं, जिनका प्रभाव 101 विधानसभा सीटों पर हैं।

कौन हैं प्रदीप निषाद?

प्रदीप निषाद मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के रहने वाले हैं। उन्हें हेलिकॉप्टर बाबा के नाम से भी चर्चित हैं। एक दौर था जब हर मंच पर प्रदीप निषाद और मुकेश सहनी एक साथ दिखाई देते थे। लेकिन साल 2021 यानी यूपी विधानसभा चुनाव के ठीक पहले से उनके बीच दुरियां दिखने लगी। निषाद करीब चार सालों से अधिक समय तक मुकेश सहनी की VIPपार्टी का हिस्सा रहे। सहनी ने प्रदीप को यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारी करने को कहा था और भरोसा दिया था पूरे दमखम से चुनाव लड़ेंगे। लेकिन बाद में जाकर मुकेश सहनी पीछे हट गए। इसी से आहत होकर प्रदीप अलग रास्ता अखतियार कर लिया। अब उन्होंने 28 जून को पटना में विकास वंचित इंसान पार्टी का ऐलान किया। साथ ही उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की भी बात कही।

क्यों बनाई नई पार्टी?

पार्टी के गठन के मौके पर प्रदीप निषाद ने कहा, “हमारी पार्टी का उद्देश्य दलित, शोषित, महादलित, पिछड़ा और अल्पसंख्यकों को सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और राजनीतिक हक दिलाना है। VVIP निषाद समाज के सभी वर्गों को एक सूत्र में बांधकर रखेगी और उनके अधिकार की लड़ाई लड़ेगी। युवाओं और महिलाओं को पार्टी नेतृत्व में विशेष जगह दी जाएगी।“उन्होंने VIP छोड़ने का कारण बताते हुए कहा, “मैं मुकेश का निजी सहायक रहा और पार्टी की जिम्मेदारी संभाली। लेकिन मान-सम्मान नहीं मिला तो पार्टी छोड़ दी। मुकेश वन मैन बनना चाहते हैं। वे पार्टी में किसी की नहीं सुनते। कार्यकर्ताओं का मान-सम्मान करना नहीं जानते। जब यह अच्छा नहीं लगा तो अलग हो गया और सामाजिक न्याय नवलोक पार्टी से जुड़ गया। यूपी का प्रदेश अध्यक्ष रहा। चूंकि, बिहार से लगाव बना रहा, इसलिए सोचा कि जब राजनीति ही करनी है तो क्यों ना अपनी पार्टी बनाएं।“

“मुकेश सहनी ने समाज को दिया धोखा”

प्रदीप निषाद ने मुकेश सहनी पर आरोप लगाते हुए कहा, “बिहार में निषाद समाज के साथ धोखा हुआ है। मुकेश बिहार सरकार में मंत्री रहे, लेकिन किसी को नौकरी नहीं दी। इनकी पार्टी में भाई संतोष राष्ट्रीय अध्यक्ष हैपत्नी कोषाध्यक्ष हैं। मुंबई में रहने वाले मैनेजर महासचिव हैं और यही तीनों मिलकर VIP से जुड़े फैसले लेते हैं। निषाद समाज के लोगों को बड़े पदों पर जगह नहीं दी गई।“गौरतलब है कि 2020 विधानसभा चुनाव मुकेश सहनी NDA गठबंधन का हिस्सा बनकर लड़े थे। इस चुनाव में उन्होंने 13 सीटों पर अपने उम्मीदवारों को उतारा था, जिसमें से 4 प्रत्याशी जात पाए थे। VIPको कुल 6,39,840 मिला था। हालांकि, बाद में वो फिर महागठबंधन का हिस्सा बन गए। आगामी विधानसभा चुनाव मुकेश सहनी महागठबंधन के साथ ही चुनाव लड़ने वाले हैं।

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