Delhi-NCR Mega Plan: दिल्ली-एनसीआर में रोजाना लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए सरकार ने बड़ा मेगा प्लान तैयार किया है। दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार मिलकर राजधानी और आसपास के क्षेत्रों की सड़क व्यवस्था को बदलने की दिशा में काम कर रहे हैं। इस योजना पर कुल 12 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किया जाएगा। इसका सीधा फायदा दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद के लाखों यात्रियों को मिलेगा।
इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत तीन बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट शामिल किए गए हैं। इनमें 8 किलोमीटर लंबी टनल, 20 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर और एक आधुनिक इंटरचेंज शामिल है। इन प्रोजेक्ट्स का उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख ट्रैफिक हॉटस्पॉट्स जैसे महिपालपुर, कालिंदी कुंज, एम्स और धौला कुआं पर दबाव कम करना है।
पहले प्रोजेक्ट पर होगा 7 हजार करोड़ रुपये खर्च
पहला प्रोजेक्ट शिव मूर्ति से नेल्सन मंडेला मार्ग तक 8 किलोमीटर लंबी टनल का है। इस पर लगभग 7 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह टनल द्वारका एक्सप्रेसवे को वसंत कुंज से सीधे जोड़ेगी। इसके बनने के बाद आउटर दिल्ली और गुरुग्राम की ओर से आने वाले वाहनों को सिग्नल फ्री मार्ग मिलेगा और ट्रैफिक जाम में बड़ी कमी आएगी। एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को भी राहत मिलेगी।
कालिंदी कुंज इंटरचेंज होगा दूसरा प्रोजेक्ट
दूसरा प्रोजेक्ट कालिंदी कुंज इंटरचेंज है। यहां रोजाना भारी ट्रैफिक रहता है। ओखला बैराज के पास 6-लेन इंटरचेंज और फ्लाईओवर बनाए जाएंगे। इस प्रोजेक्ट पर करीब 300 करोड़ रुपये खर्च होंगे। भूमि अधिग्रहण शुरू हो चुका है और अक्टूबर 2026 तक निर्माण शुरू होने की उम्मीद है। इससे नोएडा, फरीदाबाद और दक्षिण दिल्ली के बीच यात्रा आसान होगी।
तीसरा प्रोजेक्ट होगा 20 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर
तीसरा प्रोजेक्ट एम्स से महिपालपुर और गुरुग्राम तक 20 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर है। इस पर लगभग 5 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह कॉरिडोर एम्स, आईएनए, हौज खास, वसंत कुंज और गुरुग्राम को जोड़ेगा। इससे धौला कुआं और दिल्ली-गुरुग्राम हाईवे पर ट्रैफिक का बोझ काफी कम हो जाएगा। सरकार का मानना है कि इन तीनों प्रोजेक्ट्स के पूरा होने के बाद दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा और लोगों का सफर तेज और आसान बन जाएगा।
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