
Bahraich violence: उत्तर प्रदेश के बहराइच में दुर्गा पूजा के मूर्ति विसर्जन के दौरान हिंसा में युवक की हत्या कर दी गई थी। इस घटना के एख आरोपी सऱफराज का एनकाउंटर कर दिया गया है। बता दें कि रामगोपाल मिश्रा की गोली मारकर हत्या वाला यही सरफराज था। हिंसा के बाद से फरार चल रहा था। पुलिस की टीमें इसकी तलाश में जुटी थीं। हालांकि, इस एनकाउंटर को लेकर पुलिस की ओर से कोई भी जानकारी सामने नहीं आई है। शुरुवाती जानकारी के अनुसार, दोनों ही आरोपियों को गोली लगी है। किसी भी आरोपी की अभी तक मौत की पुष्टि नहीं की गई है। मिली जानकारी के अनुसार, दोनों आरोपी नेपाल भागने के फिराक में था। इसी दौरान पुलिस और दोनों आरोपियों के बीच मुठभेड़ हो गई। जिसके बाद उनका एनकाउंटर हुआ है। गौरतलब है कि बहराइच हिंसा में रामगोपाल की मौत गोली लगने के कारण हो गई थी। उसके बाद UP STF लगातार कार्रवाई करने में लगी हुई है।
मुठभेड़ में लगी गोली
पुलिस और बहराइच हिंसा के दो आरोपी के बीच मुठभेड़ की खबर सामने आई। जानकारी के अनुसार, दोनों ही आरोपियों के पैर में लगी है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। जहां दोनों का इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों आरोपी खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
बता दें, बहराइच के थाना हरदी क्षेत्र के रेहुआ मंसूर गांव निवासी रामगोपाल मिश्रा बीते रविवार की शाम करीब 6 बजे दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए निकले जुलूस में शामिल था। ये जुलूस जब महराजगंज बाजार में समुदाय विशेष के मोहल्ले से गुजर रहा था तो दो पक्षों में कहासुनी हो गई। आरोप है कि इस दौरान छतों से पत्थर फेंके जाने लगे, जिससे विसर्जन में भगदड़ मच गई। इस बीच रामगोपाल को एक घर की छत पर गोली मार दी गई, जिससे उसकी मौत हो गई। रामगोपाल की मौत की खबर के बाद महराजगंज कस्बे में बवाल शुरू हो गया। आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने आरोपी के घर समेत कई वाहनों में तोड़फोड़ की और उसमें आग लगा दी। हिंसा के दौर अगले दिन भी जारी रहा। जिसके चलते जिले में भारी पुलिस फोर्स बुलानी पड़ी। खुद सीएम योगी ने मामले का संज्ञान लिया। फिलहाल, हालात सामान्य हैं।
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