Ankita Bhandari Case: अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर भारतीय पहलवान विनेश फोगाट ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट किया है। उन्होंने देश में महिलाओं की सुरक्षा, न्याय और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही को लेकर सवाल उठाए हैं। विनेश ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को टैग करते हुए पूछा कि आखिर बेटियों की सुरक्षा के लिए अब तक क्या किया गया है। उनके इस पोस्ट के बाद अंकिता भंडारी मामले में न्याय की मांग को लेकर बहस फिर तेज हो गई है।
विनेश फोगाट ने बेटियों की सुरक्षा पर उठाए सवाल
विनेश फोगाट ने अपने पोस्ट में कहा कि जब किसी बेटी की हत्या हो जाती है, तो उसके माता-पिता को न्याय पाने के लिए लंबे समय तक संघर्ष करना पड़ता है। उन्होंने सवाल किया कि बेटी को खोने वाले परिवार पर क्या बीतती होगी और उन्हें इंसाफ के लिए दर-दर क्यों भटकना पड़ता है। विनेश ने सत्ता में बैठे लोगों की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को संबोधित करते हुए लिखा, "राष्ट्रपति जी, आप तो खुद एक महिला हैं, कभी अपने आप से दिल पर हाथ रखकर पूछिए कि देश की बेटियों की सुरक्षा के लिए अभी तक क्या किया।" उनकी इस प्रतिक्रिया का मुख्य मुद्दा महिलाओं की सुरक्षा और पीड़ित परिवारों को समय पर न्याय दिलाना है।
अंकिता के माता-पिता कर रहे न्याय की मांग
यह मामला उस समय फिर चर्चा में आया, जब अंकिता भंडारी के माता-पिता अपनी बेटी को न्याय दिलाने और मामले में कथित वीआईपी की भूमिका की जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। दिल्ली में इंडिया गेट के पास प्रदर्शन के दौरान अंकिता के माता-पिता को हिरासत में लिया गया था। बाद में गुरुवार सुबह करीब पांच बजे उन्हें रिहा कर दिया गया।
अंकिता के परिवार ने सिक्किम के राज्यपाल के रूप में दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति का विरोध किया है। परिवार की मांग है कि मामले की सीबीआई जांच पूरी होने तक उनकी नियुक्ति पर रोक लगाई जाए। अंकिता के पिता ने केंद्र सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए मांग पूरी नहीं होने पर देशव्यापी आंदोलन शुरू करने की चेतावनी भी दी है। हालांकि, दुष्यंत कुमार गौतम ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों से इनकार किया है और मानहानि की कार्रवाई शुरू की है। इसलिए इन आरोपों को साबित हुआ तथ्य नहीं माना जा सकता।
क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?
19 वर्षीय अंकिता भंडारी उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं। 18 सितंबर 2022 को उनकी हत्या कर दी गई थी। चार दिन बाद उनका शव चिल्ला नहर से बरामद हुआ था। इस मामले में रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो साथियों को दोषी ठहराया गया था। तीनों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बावजूद कथित वीआईपी की भूमिका की जांच की मांग लगातार उठती रही है। अब विनेश फोगाट के पोस्ट ने महिलाओं की सुरक्षा, न्याय व्यवस्था और जवाबदेही को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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