
हरियाणा के फतेहाबाद जिले के गांव जांडली कलां में हॉरर किलिंग का मामला सामने आया है। आरोप है कि युवक-युवती को पानी के टंकी में डुबो-डुबोकर मार डाला गया। इस सनसनीखेज वारदात के बाद आरोपी परिजनों ने दोनों के शवों को गठरी में बांध कर भाखड़ा नहर की सिरसा ब्रांच में फेंक दिया। युवक का शव सिरसा के चोपटा में मिलने के बाद मामले का खुलासा हुआ। प्रेमी जोड़ा बीते 11 जुलाई को शादी करने वाला था। फतेहाबाद की एसपी संगीता कालिया ने बताया कि बीते 10 जुलाई से लापता युवक विश्वजीत (22) की तलाश में जुटी पुलिस ने मंगलवार को शक के आधार पर युवती के परिजनों से पूछताछ की तो हॉरर किलिंग का खुलासा हुआ। परिजनों ने बताया कि विश्वजीत के विवाहित महिला निर्मला से प्रेम संबंध थे जो उससे उम्र में 10 साल बड़ी थी। निर्मला का एक 11 साल बेटा भी था। इसके चलते युवती के ससुरालजनों और मायके पक्ष के कुछ लोगों ने दोनों को पानी की टंकी डुबो-डुबोकर कर मार डाला और उनके शव कपड़े की गठड़ी में बांधकर नहर में फेंक दिए। पुलिस ने विश्वजीत का शव सिरसा के चोपटा से बरामद कर लिया है।
पुलिस जांच में पता चला है कि विवाहिता के विश्वजीत के साथ प्रेम-संबंधों का खुलासा मई में हुआ था, जब वह अपने ससुराल से गायब हो गई थी। विवाहिता के परिजनों ने विश्वजीत पर उसे बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के आरोप केस दर्ज करवाया था। 2 जून 2015 को पुलिस विश्वजीत और महिला को हैदराबाद से हिरासत में लेकर फतेहाबाद लाई और कोर्ट में पेश किया। कोर्ट में विवाहिता ने अपने बयान दर्ज करवाते हुए विश्वजीत को निर्दोष बताते कहा था कि वह अपनी मर्जी से हैदराबाद घूमने गई थी। कोर्ट में युवक के पक्ष में बयान देने के साथ ही निर्मला ने अपने पति दर्शन सिंह के घर जाने से इनकार कर दिया था। ऐसे में उसे करनाल स्थित नारी निकेतन भेजने के आदेश हुए। युवती को उसके मायके पक्ष के लोग 15 दिन पहले ही नारी निकेतन करनाल से जमानत पर लाए थे। इसके बाद युवती को उसके सुसराल जांडली कलां भेज दिया गया।
विश्वजीत की मां सुरेशी देवी का आरोप है कि 10 जुलाई की रात निर्मला से फोन करवाकर उसके ससुराल वालों ने विश्वजीत को अपने घर बुलाया। दोनों 11 जुलाई को शादी करने वाले थे। अगले दो दिन तक उसका पता नहीं चलने पर 12 जुलाई को विश्वजीत के गुमशुदा होने का मामला दर्ज करवाया गया और इसमें शक जताया कि निर्मला के ससुराल वालों ने उसे गायब कर दिया है। पुलिस ने जांच शुरू की और शक होने पर निर्मला के पति, दो देवर, ससुर और समैण निवासी उसके सगे भाई को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। इस दौरान पता चला कि निर्मला और विश्वजीत को घर में बने पानी के टैंक में डुबोकर मार दिया गया और शव नहर में फेंक दिए। डीएसपी शमशेर सिंह दहिया, एसएचओ विजेन्द्र सिहाग और फिंगर प्रिंट विशेषज्ञ डॉ. जोगिन्द्र सिंह मंगलवार को घटनास्थल पर पहुंचे और सभी तथ्यों की बारीकी से पड़ताल की।
Leave a comment