
डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देने के लिए आरबीआई ऑनलाइन भुगतान की लागत को घटाकर सस्ता करने की तैयारी कर रहा है। आरबीआई ने शुक्रवार को संसद की लोकलेखा समिति (पीएसी) को यह जानकारी दी। आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल, डिप्टी गवर्नर आर. गांधी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पीएसी के सामने पेश हुए।
सूत्रों के अनुसार, समिति को अधिकारियों ने बताया कि वह एक तंत्र पर काम कर रहा है, जिससे ऑनलाइन भुगतान की लागत को कम किया जा सके। इसके लिए बैंकों और पेमेंट गेटवे समेत सभी पक्षों से बातचीत हो रही है। इसे लेकर घोषणा जल्द की जा सकती है।
कम समय के लिए असर : आरबीआई गवर्नर ने अर्थव्यवस्था पर नोटबंदी के प्रभाव को मामूली बताया। यह असर महज थोड़े समय के लिए हैं जबकि नोटबंदी के दूरगामी परिणाम देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाएंगे।
ग्रामीण इलाकों में परेशानी स्वीकारी : सूत्रों के मुताबिक, उर्जित ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में पर्याप्त नई मुद्रा पहुंच चुकी है। ग्रामीण क्षेत्रों में थोड़ी परेशानी जरूर है। इसके लिए बैंकों को निर्देश जारी किए जा चुके हैं कि उन्हें प्राप्त होने वाली कुल मुद्रा का 40 फीसदी हिस्सा वे ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचाएं।
बजट के चलते अधिकारियों को छूट : पीएसी ने वित्त मंत्रलय के शीर्ष अधिकारी शक्तिकांत दास, अशोक लवासा और हसमुख अधिया को पेशी से छूट दी थी। ये फैसला बजट की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया।
अभी कितना महंगा
1 से 3% तक बैंक दुकानदारों से कार्ड से भुगतान लेने पर वसूलते हैं
60 रुपये सालाना वसूलते हैं बैंक एसएमएस अलर्ट के लिए उपभोक्ताओं से
5 रुपये प्रति 10 हजार रुपये के लेन-देन पर बैंक लेते हैं शुल्क आईएमपीएस में
सरकार ने सहकारी बैंकों को नई कर माफी योजना प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाई) के तहत जमाएं स्वीकार करने से रोक दिया है। सूत्रों की माने तो पीएसी को पटेल ने यह भी बताया कि बड़ी तादाद में खातों में सहकारी बैंकों में असामान्य लेन-देन पाया गया है। वित्तीय खुफिया विभाग (एफआईयू) और आयकर विभाग समेत अन्य एजेंसियां इन खातों की गहनता से जांच कर रही हैं।
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