तेल कंपनियां उठाएंगी सरचार्ज का भार, क्रेडिट-डेबिट कार्ड से ले पाएंगे पेट्रोल-डीजल

तेल कंपनियां उठाएंगी सरचार्ज का भार, क्रेडिट-डेबिट कार्ड से ले पाएंगे पेट्रोल-डीजल

नई दिल्ली : देश की तेल विपणन कंपनियों ने फैसला किया है कि वे डिजिटल पेमेंट से होने वाली पेट्रोल और डीजल की खरीद पर ट्रांजेक्शन कॉस्ट खुद वहन करेंगी। इसके पहले सरकार के हस्तक्षेप के बाद कंपनियों का फैसला 13 जनवरी तक टला था।

गौरतलब है कि रविवार 8 जनवरी को तेल कंपनियों ने फैसला किया था कि वे 9 जनवरी से क्रेडिट और डेबिट कार्ड के माध्यम से पेट्रोल और डीजल खरीद का भुगतान स्वीकर नहीं करेंगे।

पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार और उपभोक्ता एमडीआर शुल्क का वहन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा यह ऑयल मार्केटिंग कंपनियों और बैंकों के बीच का एक बिजनेस मॉडल है और यह फैसला उन्हें ही करना चाहिए।

इसलिए किया गया था फैसला

ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय बंसल ने बताया कि एक फीसदी एमडीआर कटने के चलते यह निर्णय लिया गया है कि 9 जनवरी से देश की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के 53,840 रिटेल आउटलेट्स पर क्रेडिट और डेबिट कार्ड के जरिये पेमेंट स्वीकार नहीं किए जाएंगे। आपको बता दें कि एमडीआर वह कमीशन होता है जिसे बैंकों की ओर से कार्ड पेमेंट स्वीकार करने लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने के बदले वसूला जाता है।

दरअसल, कर्नाटक स्टेंट फेडरेशन ऑफ पेट्रोलियम डीलर्स की मेंगलुरु में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एआईपीडीए के अध्युक्ष अजय बंसल ने बताया कि एचडीएफसी बैक, आईसीआईसीआई, एक्सिस और अन्य बैंकों ने पेट्रोलियम डीलर्स को यह सूचना दी है कि उनसे 9 जनवरी से क्रेडिट कार्ड से होने वाले लेनदेन पर 1 फीसद और डेबिट कार्ड से होने वाले लेनदेन पर 0.25 फीसद से 1 फीसद के बीच शुल्क वसूला जाएगा।

आपको बता दें कि देशभर में करीब 56,190 पेट्रोल पंप हैं जिसमें प्राइवेट पेट्रोल पंप कंपनियां भी शामिल हैं। इनमें से करीब साठ फीसद पेट्रोल पंपों पर एचडीएफसी और आईसीआईसीआई की स्वाइप मशीनें हैं जबकि अन्य पर दूसरे बैंक की मशीनें मौजूद हैं।

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