
करनाल के सांसद अश्वनी चोपड़ा का आदर्श गांव मोहियुद्दीनपुर आज भी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। हालाकि करनाल से खुद सीएम साहब ने जीत हासिल की थी लेकिन सरकार बदली हालात नहीं बदले।
मोहियुद्दीनपुर गांव को सांसद साहब ने गोद लिया लेकिन गांव के स्कूल की तरक्की नहीं हो पाई। इस स्कूल की जर्जर इमारत में जान जोखिम में डालकर छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, उधर दूसरे सरकारी स्कूलों में ना तो पर्याप्त खेल मैदान है और ना ही शौचालय, अगर शौचालय है भी तो केवल नाम मात्र के, सफाई और कमरों की हालत ये है की छतों से पानी टपकता है।
बच्चो को मजबूरन बाहर पढना पडता है, कहने को तो ये सरकारी प्राइमरी स्कूल है लेकिन इसके कमरों में ना बिजली हैं और ना ही पंखे। स्कूल में पीने के पानी का भी प्रबंध नहीं है अध्यापकों ने एक-एक हजार रुपये इकट्ठे करके पानी की टंकी बनवाई है।

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