
अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) ने 2016-17 के लिए भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वद्धि दर के अनुमान को घटाकर 7.4 फीसदी कर दिया है। इससे पहले आईएमएफ ने चालू वित्त वर्ष में भारत की वद्धि दर 7.5 फीसदी रहने का अनुमान लगाया था। आईएमएफ वद्धि दर के अनुमान को घटाने के पीछे निवेश में सुधार की धीमी रफ्तार को वजह बताया है। साथ ही आईएमएफ ने कहा है कि ब्रेक्जिट वैश्विक अर्थव्यवस्था के पुनरोद्धार के रास्ते में क्षटका साबित होगा। वैश्विक एजेंसी ने इसके साथ ही कहा है कि ब्रेक्जिट की वजह से वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता बढ़ी है। आईएमएफ ने विश्व आर्थिक परिदश्य के अपने ताजा अपडेट में कहा है कि ब्रिटेन में मतदान के नतीजों से वैश्विक वित्तीय बाजार हैरान हैं। ऐसे में 2016-17 के लिए वैश्विक परिदश्य कमजोर हुआ है। आईएमएफ ने कहा कि 2016 और 2017 में भारत की वद्धि दर 7.4 फीसदी रहेगी। यह दोनों वर्ष के लिए उसके द्वारा पहले लगाए गए अनुमान से 0.1 फीसदी कम है।
आईएमएफ ने कहा कि भारत में आर्थिक गतिविधियों में तेजी है, लेकिन 2016-17 के लिए वद्धि दर के अनुमान को मामूली घटाया गया है। आईएमएफ के अनुसार 2016 और 2017 में चीन की वद्धि दर 6.6 और 6.2 प्रतिशत रहेगी। चीन की वद्धि दर का अनुमान पूर्व के अनुमान से 0.1 प्रतिशत बढ़ाया गया है। मुद्राकोष का कहना है कि हालिया नीतिगत समर्थन की वजह से चीन का निकट भविष्य का परिदश्य सुधरा है।
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