10 प्रतिशत बढ़ा टीसीएस का पहली तिमाही का मुनाफा

10 प्रतिशत बढ़ा टीसीएस का पहली तिमाही का मुनाफा

देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज टीसीएस को 2016-17 की पहली तिमाही में 6,317 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ हुआ जो एक वर्ष पहले की इसी तिमाही की तुलना में 9.9 प्रतिशत अधिक है। पिछली छह तिमाहियों में यह कंपनी का सबसे अच्छा प्रदर्शन है और यूरोपीय एवं उत्तरी अमेरिकी बाजारों में कई करोड़ डॉलर के सौदों से वह उत्साहित है। पिछले वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में उसका एकीकृत शुद्ध लाभ 5,747 करोड़ रुपए रहा था। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक एन. चंद्रशेखरन ने बताया कि भारतीय लेखा मानकों के अनुसार वर्तमान वित्त वर्ष की पहली तिमाही में उसकी एकीकृत सकल आय 14.2 प्रतिशत बढक़र 29,305 करोड़ रुपए रही जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 25,668 करोड़ रुपए थी। चंद्रशेखरन ने कंपनी के शुद्ध लाभ को पिछली छह तिमाहियों में उसका सबसे बेहतरीन प्रदर्शन बताया।

हालांकि, इस तिमाही के दौरान कंपनी को वार्षिक वेतन वृद्धि और प्रोन्नति के साथ-साथ वैश्विक मुद्रा बाजार में उठापटक का सामना करना पड़ा। उसका शुद्ध लाभ जनवरी-मार्च तिमाही की तुलना में ज्यादा नहीं बढ़ा है जबकि उसकी आय में मात्र 3.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। कंपनी के प्रबंध निदेशक चंद्रशेखरन ने कहा कि इंग्लैंड को छोडक़र यूरोप में उसके कारोबार में 2.8 प्रतिशत वृद्धि हुई है और उत्तरी अमेरिका में यह ढाई प्रतिशत बढ़ा है। यूरोप के मामले में यह तिमाही कंपनी के लिए सबसे बेहतर रही है। हमने भारत में साढ़े आठ प्रतिशत की वृद्धि के साथ सबसे अच्छा साल देखा है। चंद्रशेखरन ने इंग्लैंड में कंपनी के परिचालन पर ब्रेक्जिट का प्रभाव नहीं होने की बात कही। उन्होंने कहा कि उनकी ब्रितानी इकाई डिलिजेंटा द्वारा दी जा रही सेवाओं पर इससे कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। ब्रेक्जिट के संपूर्ण प्रभाव पर उन्होंने कहा कि अभी तक उन्हें अपने किसी मौजूदा ग्राहक से दामों के पुनर्विचार या उनके सूचना प्रौद्योगिकी पर कम खर्च करने का संकेत नहीं मिला है। वह यह बात बे्रक्जिट के बाद यूरोप में दस दिन बिताने के बाद कह रहे हैं। बे्रक्जिट के लिए मतदान के बाद उन्हें कोई भी नकारात्मक खबर नहीं मिली है। इसलिए इसे लेकर वह बहुत ज्यादा चिंतित नहीं हैं।

 

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