रुपये में गिरावट थामने को RBI ने हस्तक्षेप किया

रुपये में गिरावट थामने को RBI ने हस्तक्षेप किया

ब्रिटेन में हुए जनमत संग्रह में यूरोपीय संघ से अलग होने (ब्रेक्सिट) के फैसले का दबाव शुक्रवार को देश की मुद्रा रुपया पर देखा गया और माना जा रहा है कि इसमें भारी गिरावट को रोकने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने भी हस्तक्षेप किया। दोपहर बाद करीब 2.45 बजे के कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले 64 पैसे कमजोर होकर 67.90 पर देखा गया। पिछले दिन रुपया 67.25-26 पर बंद हुआ था।

ब्रेक्सिट के फैसले के बाद रुपये ने 1.4 फीसदी गिरावट के साथ 68.21 का निचला स्तर छू लिया था। ब्रिटेन की मुद्रा पाउंड स्टर्लिग ने भी भारी गिरावट के साथ 1.35 डॉलर का स्तर छू लिया था, जो 1985 के बाद का निचला स्तर है।मुद्रा कारोबार के विश्लेषकों के मुताबिक आरबीआई द्वारा सरकारी बैंकों के जरिए डॉलर की बिकवाली के बाद रुपया संभला। कोटक सिक्योरिटीज के करेंसी डेरीवेटिव्स कारोबार के सहायक उपाध्यक्ष आनिंद्य बनर्जी ने कहा, निकट अवधि में हम अत्यधिक उतार-चढ़ाव की उम्मीद करते हैं। हमारी बुनियाद यद्यपि मजबूत है, फिर भी सुस्त विकास का माहौल और जोखिम वाली संपत्तियों के अत्यधिक मूल्यांकन के कारण रुपये में डॉलर और येन के मुकाबले गिरावट दर्ज की जा सकती है।

बनर्जी ने कहा कि रुपया मध्य अवधि में 67-69 के दायरे में रह सकता है।सेंट्रम डायरेक्ट के ट्रेजरी और बैंक नोट कारोबार के प्रमुख तथा वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरिप्रसाद एम.पी. ने कहा कि ब्रेक्सिट का फैसला एक झटका है, क्योंकि बाजार को उम्मीद थी कि ब्रिटेन यूरोपीय संघ में बने रह सकता है।उन्होंने कहा, डॉलर-रुपया विनिमय दर के मामले में पहला लक्ष्य रिकॉर्ड ऊपरी स्तर 68.80 है और यदि यह स्तर हासिल हो जाता है तो इस साल सितंबर तक रुपये और कमजोर होकर 69.50/70.00 के स्तर तक गिर सकता है।

 

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