
किंग्सटन (जमैका) : दूसरे टेस्ट में जीत के करीब पहुंच चुकी टीम इंडिया को वेस्टइंडीज के इस खिलाड़ी ने निराश कर दिया। एक वक्त ऐसा लग रहा था कि भारतीय टीम अब दूसरा टेस्ट जीत लेगी मगर इस बल्लेबाज ने भारतीय टीम की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। दूसरे टेस्ट में इंडीज की तरफ से इस खिलाड़ी ने 50 वर्षों के बाद ऐसा प्रदर्शन किया कि ये मैच ड्रॉ हो गया।
दूसरी पारी में इंडीज टीम के चार विकेट गिर चुके थे। एक समय लग रहा था कि टीम हार जाएगी मगर रोस्टन चेज ने अपनी 137 रन की नाबाद पारी के दम पर ना सिर्फ टीम को संकट से उबारा बल्कि टीम की हार को भी टाल दिया। चेज के टेस्ट करियर का ये पहला शतक था।
उन्होंने अपने करियर में अबतक महज दो टेस्ट मैच खेले हैं। यही नहीं भारत के खिलाफ पहली पारी में उन्होंने पांच विकेट भी लिए थे। चेज को उनके ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया।
रोस्टन चेज ने दूसरे टेस्ट में गजब का ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए पहली पारी में गेंदबाजी करते हुए पांच विकेट लिए। इसके बाद दूसरी पारी में उन्होंने अपने बल्ले का जौहर दिखाया और शानदार शतकीय पारी खेली। वर्ष 1966 यानी 50 वर्षों के बाद वेस्टइंडीज के किसी खिलाड़ी ने टेस्ट मैच में शतक लगाया और पांच विकेट भी लिए।
रोस्टन चेज से पहले वर्ष 1966 में गैरी सोबर्स ने इंग्लैंड के खिलाफ लीड्स में टेस्ट मैच में शतक लगाया था और पांच विकेट भी लिए थे। अगर भारत की बात की जाए तो इमरान खान ने वर्ष 1982 में फैसलाबाद में भारत के खिलाफ टेस्ट मैच में शतक लगाया था और पांच विकेट भी लिए थे।
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