
साल 1980 के ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम के सदस्य मोहम्मद शाहिद का बुधवार को दिल्ली में निधन हो गया। वो 56 साल के थे। शाहिद को लेफ़्ट इन पोजिशन पर खेलने वाला भारत का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी माना जाता है। हॉकी में उनके योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें 1981 में पद्मश्री से सम्मानित किया था। शाहिद 1980 के अलावा, 1984 और 1988 में ओलंपिक में खेलने वाली भारतीय हॉकी टीम के सदस्य भी थे। भारतीय हॉकी टीम ने 1980 के मॉस्को ओलंपिक के बाद ओलंपिक में पदक नहीं जीता है। उनके परिवार में पत्नी परवीन शाहिद और जुड़वा बच्चें मोहम्मद सैफ और हिना शाहिद है। हॉकी में उनके योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें 1981 में पद्मश्री से सम्मानित किया था। पेट में दर्द की शिकायत पर उन्हें 29 जून को वाराणसी के सर सुंदर लाल अस्पताल में दाखिल कराया गया था। वहां हालत न सुधरने पर उन्हें गुड़गांव के मेदांता मेडिसिटी अस्पताल में दाखिल कराया गया। वाराणसी में 14 अप्रैल 1960 को पैदा हुए शाहिद ने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच जूनियर वर्ल्ड कप में 19 साल की उम्र में फ्रांस के खिलाफ खेला था।

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