यूरो कप-2016 फाइनल में रोनाल्डो पर इतिहास बदलने का दबाव

यूरो कप-2016 फाइनल में रोनाल्डो पर इतिहास बदलने का दबाव

फ्रांस के जर्मनी को हराकर यूरो कप फाइनल का रास्ता तय कर लेने के साथ ही पुर्तगाली टीम के कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो को वो मिथक याद आने लगा होगा, जो उनके पैदा होने से भी लगभग 10 साल पहले से उनकी और फ्रांसीसी टीम की भिड़ंत से जुड़ा हुआ है। रविवार को जब दोनों टीम स्टेडे डि फ्रांस पर फाइनल खेलने उतरेंगी तो पूरे पुर्तगाल के दिमाग में चार दशक से मिल रही हार का ख्याल होगा और रोनाल्डो पर यह मैच जीतकर अपने देश का भाग्य बदलने का दबाव हावी होगा। हालांकि पुर्तगाल-फ्रांस के बीच हालिया मैचों को देखते हुए पुर्तगाली स्टार के लिए यह बेहद मुश्किल बात होगी।

पुर्तगाल को फ्रांस के खिलाफ अंतिम जीत अप्रैल, 1975 में एक मैत्री मैच में मिली थी, जब पुर्तगाल 2-0 से विजेता रहा था। इसके बाद से दोनों टीमों में हुए 10 मैच में पुर्तगाल जीतने में असफल रहा है। इन मैचों में यूरो कप 1984 का ग्रुप मैच, यूरो कप 2000 सेमीफाइनल और वर्ल्ड कप 2006 की अंतिम-4 की भिड़ंत भी है यानि बड़े कॉम्पिीटिशन में फ्रांस को हराना पुर्तगाल के लिए ख्वाब ही रहा है। यूरो कप और वर्ल्ड कप में कुल 5वां फाइनल खेलने जा रहे फ्रांस को पहले तीन मैच में (यूरो कप-1984 में स्पेन पर 2-0 से,  वर्ल्ड कप-1998 में ब्राजील पर 3-0 से और यूरो कप-2000 में इटली पर 2-1 से) जीत मिली, पर 2006 वर्ल्ड कप के फाइनल में इटली से 1-1 से ड्रॉ खेलने के बाद पेनल्टी शूटआउट में हार मिली थी। 24 मैचों में पुर्तगाल से 18 जीत, 5 हार और एक ड्रॉ खेला है फ्रांस ने 10 पिछले मैचों (9 जीत, 1 ड्रॉ) में किसी भी टीम के खिलाफ फ्रांस को नहीं मिली है हार। 90 मिनट के अंदर पुर्तगाल सेमीफाइनल में वेल्स से जीता, जो 6 मैच में उसकी पहली ऐसी जीत थी यूरो कप मैचों में 2012 से अब तक 06 लगातार यूरो कप फाइनल्स टूर्नामेंट है पुर्तगाल का ये और कुल सातवां। हम इस जीत से बेहद खुश हैं। यह सपने के समान है। लेकिन अभी एक मैच बाकी है। हमें अपने पैर जमीन पर बनाए रखते हुए फाइनल की तैयारी करनी है। 03 यूरो कप फाइनल मैच में मुकाबला खत्म हो गया है 90 मिनट के अंदर

2000 में अंतिम बार एक्स्ट्रा टाइम तक खिंचा था फाइनल 2-1 से जीत हासिल की थी तब फ्रांस ने इटली पर डेविड ट्रेज्गुएट के गोल से 01 ही यूरो कप फाइनल का शूटआउट में हुआ है निर्णय 1976 में चेकोस्लोवाकिया ने बेलग्रेड में हुए फाइनल में 2-2 से ड्रॉ के बाद पेनल्टी शूटआउट में वेस्ट जर्मनी को 5-3 से हराकर खिताब जीता था। यूरो कप में इससे पहले सिर्फ एक बार ही पुर्तगाल फाइनल तक पहुंचा है। 2004 में हुए उस फाइनल मैच में ग्रीस ने पुर्तगाल को 1-0 से हराकर खिताब से रोक दिया था। फ्रांस की नजर भी अपनी मेजबानी में दोबारा यूरो कप खिताब जीतने पर होगी। ऐसा करने में सिर्फ तीन ही टीमें सफल रही हैं, जिनमें से एक फ्रांस (यूरो कप,1984) भी शामिल है। अन्य दो टीमें स्पेन (1964) और इटली (1968) हैं।

 

Leave a comment