कलयुगी माता-पिता की करतूत मासूम को मरने के लिए छोड़ा।

कलयुगी माता-पिता की करतूत मासूम को मरने के लिए छोड़ा।

कहते हैं एक मां अपने बच्चे से सबसे ज्यादा प्यार करती है।और अपने बच्चे की हिफाज़त अपनी जान से भी ज्यादा करती है।लेकिन कुछ कलयुगी माता पिता ऐसे भी हैं, जिनके लिए आज भी उनकी औलाद किसी बोझ से कम नहीं,

खासकर के तब जब वो एक लड़की हो, कानपुर के गणेशपुर गांव में एक सात माह की बच्ची झाड़ियों में पाई गई।सात माह की मासूम न तो अपनी हिफाज़त कर सकती थी, और  और न ही आवाज़ देकर किसी को अपन मदद के लिए ही बुला सकती थी।झाड़ी में पड़ी बच्ची के पूरे शरीर पर चींटियां लग चुकी थी।सांसों की डोर टूटती और चीटियां बच्ची को अपनी खुराक बनाती, इससे पहले उपर वाले ने एक महिला को मासूम के लिए मसीहा बनाकर भेज दिया।वहां से गुज़र रही महिला ने बच्ची को उठाया और क्षेत्रीय सभासद सौरभ तिवारी को बुलाकर बच्ची को उन्हें सौंपा दिया।जिसके बाद बच्ची को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

 

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