
यमुनानगर: यमुनोत्री से निकलने वाली पवित्र यमुना नहर पहाड़ी इलाकों में साफ और शुद्ध नजर आती है लेकिन, जैसे ही यह मैदानी इलाकों में पहुंचती है तो यमुना प्रदूषित हो जाती है. इसमें शहरों का कूड़ा, सीवरेज का गंदा पानी, फैक्ट्रियों का जहरीला पानी गिराया जाना शुरू हो जाता है. सबसे पहले यमुना यमुनानगर में ही मैदानी इलाके में पहुंचती है और यहां 20 से अधिक स्थानों पर इसमें जहरीला और गंदा पानी डाला जाता है. जिससे यमुना में रहने वाले जीव जंतुओं की प्रजातियां भी नष्ट होने लगी है.
यमुनानगर में जहां यमुना के साथ-साथ वेस्टर्न यमुना कैनाल निकलती है और इसके साथ डिच ड्रेन बनाई गई है, जिससे यमुना में साफ पानी जाए, लेकिन कई फैक्ट्रियों का जहरीला पानी इसमें बिना शुद्ध किए गिराया जा रहा है. यमुना को हरियाणा सरकार के ही कई विभाग दूषित कर रहे हैं. बता दे कि नगर निगम के इलावा जन स्वास्थ्य विभाग एवं ब्लॉक विकास एवं पंचायत अधिकारी भी इसके लिए जिम्मेदार हैं. यमुना एवं वेस्टर्न यमुना के कई इलाके ऐसे हैं जहां गंदा और बदबूदार पानी सीधा जमुना में गिराया जा रहा है. जिसके चलते यहां से लोगों का निकलना भी मुश्किल हो जाता है.
यमुनानगर के हमीदा में वेस्टर्न यमुना में जहां जहरीला पानी डाला जा रहा है वहीं, वेस्टर्न यमुना के किनारे कूड़े के ढेर लगे हुए हैं. जमीअत उलमा हरियाणा के सचिव अली हसन मजाहीरि का कहना है कि पानी को पाक साफ रखने के लिए सरकार को कदम उठाने चाहिए. उन्होंने कहा कि ऐसी गंदगी से बीमारियां फैलती हैं. सरकार को इसकी तरफ ध्यान देकर कार्रवाई करनी चाहिए.
यमुना को साफ रखने के लिए हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इसके सैंपल भी लिए है. राज्य प्रदूषण नियंत्र बोर्ड के अधिकारी निर्मल कुमार का कहना है कि उन्होंने स्वयं अलग-अलग स्थानों से दौरा करके 22 स्थान चिन्हित किए हैं, जहां गंदा पानी वेस्टर्न यमुना कैनाल में जा रहा है. उन्होंने बताया कि इन 22 स्थानों के सैंपल भी लिए हैं और उनकी जानकारी के मुताबिक यह सभी सैंपल फेल हैं. रिपोर्ट आने के बाद सभी विभागों और व्यक्तियों को नोटिस दिए जाएंगे.
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