8.8 तीव्रता का भूकंप से जापान और हवाई में सुनामी का डर, 20 लाख लोगों को घर खाली करने के निर्देश जारी

8.8 तीव्रता का भूकंप से जापान और हवाई में सुनामी का डर, 20 लाख लोगों को घर खाली करने के निर्देश जारी

Tsunami Warning Alert: 30 जुलाई को रूस के सुदूर पूर्व में कामचटका प्रायद्वीप के पास 8.8 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप आया। जिसके बाद सुनामी ने भी भयंकर तबाही मचाई।  भूकंप की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि जापान के साथ अमेरिका में भी सुनामी का अलर्ट जारी किया गया था। इस प्राकृतिक आपदा ने 12 देशों को प्रभावित करने की आशंका जताई है। जिसमें रूस, जापान, हवाई, अलास्का, कैलिफोर्निया, चिली, इक्वाडोर, फ्रेंच पोलिनेशिया, सोलोमन आइलैंड्स, पेरू, मैक्सिको और न्यूजीलैंड शामिल हैं।

जापान में भूकंप और सुनामी

जापान में भूकंप के बाद सुनामी ने भयंकर तबाही मचाई। जिसके बाद हाई-अलर्ट पर चेतावनी जारी की गई। लगभग 20 लाख लोगों को 21 प्रांतों में 207 शहरों और कस्बों से ऊंचे स्थानों पर जाने के लिए कहा गया। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) ने बताया कि होक्काइडो के तोकाची तट पर 40 सेंटीमीटर और इवाते प्रांत के कुजी बंदरगाह पर 60 सेंटीमीटर की लहरें दर्ज की गईं।

वहीं, कुछ समय बाद कुछ इलाकों में चेतावनी को सलाह में बदला गया है, लेकिन होक्काइडो और तोहोकु क्षेत्रों में अभी भी खतरा बरकरार है। साल 2011 के 9.0 तीव्रता वाले भूकंप और सुनामी की यादें ताजा होने के कारण लोग तुरंत निकासी केंद्रों की ओर भागे। बता दें, भूकंप का केंद्र कामचटका प्रायद्वीप से 126 किलोमीटर दूर था, जिसकी गहराई 19.3 किलोमीटर थी।

हवाई में कैसे हैं हालात?

हवाई में सुनामी की चेतावनी के बाद मंगलवार को होनोलूलू में सायरन बजाए गए। जिसके बाद तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोग ऊंचे स्थानों की ओर भागे। नेशनल सुनामी वॉर्निंग सेंटर के अनुसार, हवाई के माउई में 5.7 फीट (1.74 मीटर) तक की लहरें दर्ज की गईं। जबकि ओहू के हलेइवा में 4 फीट की लहरें देखी गईं। हालांकि, बाद में इस चेतावनी को एक एडवाइजरी में बदल दिया गया।

जिसका मतलब है कि बड़े पैमाने पर बाढ़ का खतरा अब कम हो गया है। लेकिन तटीय क्षेत्रों में मजबूत धाराएं और खतरनाक लहरें अभी भी मौजूद हो सकती हैं। हवाई के गवर्नर जोश ग्रीन ने लोगों से सतर्क रहने और तटों से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा 'यह सामान्य लहर नहीं है, यह जानलेवा हो सकती है।'

रूस और अन्य प्रभावित क्षेत्र

दूसरी तरफ, रूस के कुरिल द्वीपों में 5 मीटर तक की लहरें दर्ज की गईं। जिसके कारण सखालिन क्षेत्र में आपातकाल घोषित किया गया। वहीं, सुदूर कुरिल द्वीपों के सेवेरो-कुरिल्स्क में बाढ़ ने कई इमारतों को प्रभावित किया। फ्रेंच पोलिनेशिया के मार्क्वेसस द्वीप समूह में 4 मीटर तक की लहरों की आशंका जताई गई और स्थानीय अधिकारियों ने लोगों से ऊंचे स्थानों पर जाने को कहा। चिली, इक्वाडोर, और मेक्सिको से पनामा तक के तटीय क्षेत्रों में भी 1-3 मीटर की लहरों की चेतावनी जारी की गई। न्यूजीलैंड में तटीय क्षेत्रों में असामान्य धाराओं और लहरों की आशंका है, लेकिन निकासी की आवश्यकता नहीं पड़ी।

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